गोरखपुर 11 दिसंबर, 2025 फैक्ट रिकॉर्डर
National Desk: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार देर रात गोरखपुर में दो रैन बसेरों का औचक निरीक्षण किया और अधिकारियों को निर्देश दिए कि भीषण शीतलहर में कोई भी जरूरतमंद व्यक्ति खुले में न सोने पाए। उन्होंने कहा कि हर व्यक्ति का जीवन अमूल्य है और शासन–प्रशासन की जिम्मेदारी है कि हर जरूरतमंद को सुरक्षित आश्रय उपलब्ध कराया जाए।
खुले में सोने वालों को तुरंत रैन बसेरे में पहुंचाने के निर्देश
सीएम ने कहा कि फुटपाथ, प्लेटफॉर्म या सड़क पर कोई भी व्यक्ति ठंड में न लेटे। ऐसे लोगों को तुरंत रैन बसेरों में ले जाकर सुरक्षित स्थान पर ठहराया जाए और इस व्यवस्था की लगातार निगरानी की जाए। सभी रैन बसेरों को पूरी क्षमता से संचालित करने के निर्देश दिए गए।
कंबल और ऊनी कपड़ों का वितरण तेज करने पर जोर
उन्होंने बताया कि तहसीलों और शहरी निकायों को शीतलहर से बचाव के लिए ऊनी वस्त्र और कंबल वितरण हेतु धनराशि उपलब्ध कराई गई है। जहां आवश्यकता हो, वहां पर्याप्त अलाव की व्यवस्था भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
गोरखपुर में 14 रैन बसेरे, 1000 लोगों के ठहरने की सुविधा
सीएम ने बताया कि नगर निगम क्षेत्र के 14 रैन बसेरों में लगभग 1000 लोगों के ठहरने की क्षमता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी रैन बसेरों में पर्याप्त बिस्तर, कंबल, साफ-सफाई और भोजन की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
जरूरतमंदों से संवाद, स्वयं कंबल और भोजन बांटा
सीएम योगी ने रेलवे स्टेशन और झूलेलाल मंदिर के पास बने रैन बसेरों में रुके लोगों से बातचीत कर उनकी परेशानियों को जाना। उन्होंने अपने हाथों से जरूरतमंदों को कंबल और भोजन वितरित किया। कई लोग सीएम को अपने बीच पाकर भावुक हो गए और व्यवस्थाओं के प्रति संतोष व्यक्त किया।
विभिन्न जिलों और राज्यों से आए लोग ले रहे आश्रय
रैन बसेरों में देवरिया, कुशीनगर, बलिया, चौरीचौरा सहित पूर्वांचल के कई क्षेत्रों तथा बिहार से आए लोग भी ठहरे हुए थे—किसी की परीक्षा, किसी का इलाज, तो किसी की नौकरी की तलाश का कारण था। सभी ने बताया कि रैन बसेरों में सुविधाएं संतोषजनक हैं।
अधिकारी भी रहे मौजूद
निरीक्षण के दौरान महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, एमएलसी डॉ. धर्मेंद्र सिंह, विधायक विपिन सिंह, नगर निगम बोर्ड के उपसभापति पवन त्रिपाठी सहित प्रशासन और पुलिस के अधिकारी उपस्थित रहे।













