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मंडी में बादल फटने से मचा कहर: 2 की मौ*त, दर्जनों लोग लापता

01 जुलाई 2025 फैक्टर रिकॉर्डर

Himachal Desk: मंडी में बादल फटने से भारी तबाही: तीन की मौत, दर्जनों लापता, फोरलेन बंद, डैम के गेट खुले                                                                                                                                हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में सोमवार रात और मंगलवार सुबह बादल फटने की घटनाओं ने व्यापक तबाही मचाई है। करसोग, सराज और धर्मपुर उपमंडलों में भारी बारिश के चलते जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। करसोग क्षेत्र में तीन लोगों की मौ*त हो चुकी है, जबकि कई घर, गौशालाएं और वाहन मलबे में दबकर नष्ट हो गए हैं। इस घटना के बाद से 30 से अधिक लोगों के लापता होने की खबर है, जिनकी तलाश के लिए राहत और बचाव कार्य जारी है।

भूस्खलन और मलबा आने से कीतरपुर-मनाली फोरलेन पूरी तरह से बंद हो गई है, जिससे यातायात बाधित हुआ है। सैकड़ों लोग सुरंगों और सड़कों पर जगह-जगह फंसे हुए हैं। प्रशासन ने फंसे हुए यात्रियों को पीने का पानी और जरूरी सहायता पहुंचाई है। एहतियात के तौर पर मंडी जिले के सभी शिक्षण संस्थानों को एक दिन के लिए बंद कर दिया गया है।

मौसम विभाग ने अगले 48 घंटों के लिए भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है, जिससे प्रशासन ने अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं। मंगलवार तड़के पद्धर क्षेत्र में स्थित कुष्ठ रोगियों के आश्रम में पानी भर गया, जिससे वहां रह रहे लोगों की जान पर खतरा मंडराने लगा। हालांकि समय रहते पुलिस और एसडीआरएफ की टीमों ने 12 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।

ब्यास नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण लारजी और पंडोह डैम के गेट खोल दिए गए हैं। जलस्तर को संतुलित बनाए रखने के लिए इन क्षेत्रों की जलविद्युत परियोजनाओं को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है। वहीं, कोल डैम से भी अतिरिक्त पानी छोड़ा गया है, जिससे नदी के किनारे बसे लोगों को अलर्ट रहने के निर्देश जारी किए गए हैं।

प्रशासन ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे नदियों के किनारे न जाएं, अफवाहों से बचें और किसी भी आपात स्थिति में स्थानीय अधिकारियों से संपर्क करें। राहत और बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी है।