ऑनलाइन डायरी लिखने के विरोध में डीईओ कार्यालय पर धरना देकर प्रदर्शन करते अध्यापक।
चरखी दादरी में एमआईएस पोर्टल पर टीचर डायरी लिखने को लेकर अध्यापकों में रोष बना हुआ है। इसी को लेकर शिक्षकों के विभिन्न संगठनों से जुड़े लोग जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय पर एकत्रित हुए ओर सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी करते हुए रोष प्रदर्शन किया। बाद म
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डीईओ कार्यालय पर प्रदर्शन
प्राथमिक अध्यापक संघ जिला प्रधान शमशेर सिंह रूदड़ौल, जिला कोषाध्यक्ष ओमप्रकाश रंगा, महासचिव स्नेहा, हसला जिला प्रधान विद्यानंद काकड़ौली सरदारा, जिला अध्यापक महासंघ प्रधान संजय मकड़ाना,शारीरिक शिक्षक संघ जिला महासचिव अशोक,डेमोक्रेटिक अध्यापक संघ के राज्य संगठन सचिव सुंदरपाल फोगाट आदि ने संबोधित करते हुए कहा कि उनके संगठन शिक्षा में सदैव गुणात्मक सुधार के पक्षधर एवं सजग प्रहरी रहे हैं तथा विद्यार्थियों के हित को सदा सर्वोच्च प्राथमिकता देते रहा है । दूसरी ओर विभाग द्वारा दिन प्रतिदिन अव्यावहारिक एवं अतार्किक आदेशों के चलते चाह कर भी अपने अध्यापन कार्य को पूरी ईमानदारी से नहीं कर पा रहे हैं।

ऑनलाइन डायरी लिखने के आदेश का पत्र वापिस लेने की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपते अध्यापक।
पत्र वापिस लेने की मांग
शिक्षा विभाग शैक्षणिक शाखा ने 8 अप्रैल को एमआईएस पोर्टल पर टीचर डायरी लिखने के आदेश दिए हैं। ये आदेश अव्यावहारिक तथा अध्यापक एवं छात्रों के समय को बर्बाद करने के अलावा कुछ नहीं है। इन आदेशों को लागू करने से पहले जमीनी स्तर पर अलग-अलग संभावनाओं को देखना एवं अध्यापक संगठनों से इस बारे में विचार विमर्श करना चाहिए था।
यह बेहद चिंतनीय तथा दुर्भाग्यपूर्ण है कि नई शिक्षा नीति में जहां शिक्षकों से गैर शैक्षणिक कार्य न लिए जाने पर जोर दिया गया है, वहीं प्रदेश का शिक्षा विभाग दिनोंदिन गैर शैक्षणिक कार्यों का बोझ बढ़ा रहा है। इसलिए उन्होंने शिक्षक डायरी के डिजिटलीकरण के खिलाफ विरोध जताया और ऑफलाइन शिक्षक डायरी को बनाए रखने की मौजूदा प्रथा को जारी रखने का सुझाव दिया।
डायरी नहीं लिखने की शपथ ली धरना प्रदर्शन में जिले के तीनों खंडों से अध्यापक व अध्यापिकाएं पहुंचे। जिन्होंने पोर्टल पर डायरी लिखने का विरोध जताया। इस दौरान मौजूद लोगों ने निर्णय लिया कि वे पोर्टल पर डायरी नहीं लिखेंगे। इसके लिए संगठन के पदाधिकारियों ने डायरी नहीं लिखने की शपथ भी दिलाई गई। राज्यस्तरीय आंदोलन की चेतावनी धरना प्रदर्शन कर रहे शिक्षकों ने शिक्षा विभाग व सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रोष जताया। उन्होंने कहा कि यदि शीघ्र उनकी मांग मानते हुए पोर्टल पर डायरी लिखने के निर्णय को वापिस नहीं लिया गया तो वे राज्यस्तरीय आंदोलन करने को मजबूर होंगे।











