बीते खरीद सीजन के दौरान बाढड़ा बस स्टैंड परिसर में बैठने की कुर्सियों तक लगी गेहूं की ढेरियां।
चरखी दादरी जिले के बाढड़ा बस स्टैंड से अपने गंतव्य तक पहुंचने वाले यात्रीगण ध्यान दे बस स्टैंड बंद हो सकता है। बाढड़ा में अनाज मंडी छोटी होने के कारण यहां गेहूं की खरीद शुरू की जा सकती है जिसके लिए आढ़तियों ने लिखित में देकर अधिकारियों से मांग भी की है।
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बीते वर्ष की भांति विभागीय अनुमति लेकर बस स्टैंड परिसर में गेहूं की खरीद शुरू करवाएं ताकि किसानों को किसी प्रकार की असुविधा ना हो। बाहर कच्चे में गेहूं खरीद करने पर उसमे मिट्टी मिलने की संभावना रहती है। इसलिए उच्च अधिकारियों से परामर्श कर बस स्टैंड में खरीद शुरू करवाई जाए।

आढ़तियों द्वारा बस स्टैंड परिसर में इस सीजन गेहूं खरीद करवाने के लिए एसडीएम को लिखे गए मांगपत्र की कॉपी।
अनाज की बंपर आवक, लेकिन जगह कम
बता दे कि चरखी दादरी कृषि बाहुल्य क्षेत्र है। जिले में दादरी अनाज मंडी के बाद बाढड़ा मंडी में सबसे अधिक अनाज की आवक होती है। दर्जनों गांवों के बीच मंडी होने के कारण चाहे रबी सीजन हो या खरीफ सीजन बंपर आवक होती है। लेकिन अनाज मंडी में जगह कम होने के कारण किसानों के साथ-साथ आढ़तियों को परेशानियां उठानी पड़ती है।
वहीं समय पर उठान नहीं हो पाने के कारण समस्या विकट हो जाती है और खरीद तक बंद करनी पड़ जाती है। जिसको देखते हुए आढ़ती एसोसिएशन बार-बार जन प्रतिनिधियों व संबंधित अधिकारियों के समक्ष मंडी के विस्तार की मांग रख चुके हैं। लेकिन अभी तक उनकी मांग पर ध्यान नहीं दिया गया है।

बीते सीजन बस स्टेंड पर गेहूं खरीद शुरू होने के शरुआत में वहां रखे गेहूं के बैग व बस स्टैंड से जाती रोडवेज बस।
24 दिन बस स्टैंड रहा बंद
बीते रबी सीजन के दौरान सरसों व गेहूं की बंपर आवक होने व समय पर खरीदे गए अनाज का उठान नहीं हो पाने के कारण बाढड़ा बस स्टेंड पर गेहूं खरीद करवाई गई थी। गेहूं रखना शुरू करने के दो दिन तक वहां बसें आती-जाती रही, लेकिन उसके बाद बस स्टैंड पूरी तरह से गेहूं की ढेरियों से अट गया था और बस स्टैंड के अंदर यात्रियों के लिए लगाई गई कुर्सियों,बूथों तक गेहूं पहुंच गया था और बस व यात्री जाने के लिए जगह तक नहीं बची थी। जिसके चलते बस स्टैंड के दोनों गेट बंद करने पड़े थे और 24 दिनों तक बस स्टैंड से बसों का संचालन पूरी तरह से बंद रहने के कारण लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। बाद में मुख्य आयुक्त ने यहां निरीक्षण किया तो यहां की बस स्टैंड का हाल देख दंग रह गए थे और शीघ्र बस स्टैंड को खाली करवाया गया था जिसके बाद यहां बसों का सुचारू रूप से आवागमन शुरू हुआ था।

बाढड़ा बस स्टैंड पर लगी गेहूं की ढेरियां, फाइल फोटो।
लंबे रूटों के यात्रियों को अधिक परेशानी
बाढड़ा बस स्टैंड होते हुए चंडीगढ़, दिल्ली, गुरुग्राम, हिसार, नारनौल, सालासर, खाटूश्याम, आदि लंबे रूटों पर बसे जाती है। बीते सीजन के दौरान यात्रियो को बस स्टैंड बंद होने की जानकारी यात्रियों के पास नहीं होने के कारण वे पहले सामान सहित बस स्टैंड आते उसके बाद बस स्टैंड बंद होने पर दूसरे चौक-चौराहों पर धूप में खड़े होकर बसों का इंतजार करते। जहां पानी, शौचाालय की सुविधा भी ना मिल पाती। यात्रियों को बस स्टैंड बंद होने के कारण भारी परेशानी झेलनी पड़ी थी।
बीते सीजन से नहीं लिया सबक
बीते सीजन परेशानियां उठाने के बावजूद इससे कोई सबक नहीं लिया गया है। गेहूं की खरीद 1 अप्रैल से शुरू हो चुकी है जिसके लिए ना ही मंडी का विस्तारीकरण का कार्य हुआ और ना ही कोई ऑप्शनल व्यवस्था की गई है। जिसके चलते बीते सीजन की तरह इस बार भी परेशानियां खड़ी हो सकती है।

बस स्टैंड पर जगह नहीं होने पर पीएचसी में खड़ी बसें, फाइल फोटो।
अस्पताल में खड़ी करनी पड़ी थी बसें
अनाज मंडी में जगह नहीं होने के कारण बस स्टैंड को ऑप्शनल अनाज मंडी बनाया गया। जबकि रात के समय बसों को बस स्टैंड के साथ लगते पीएचसी में खड़ा करना पड़ा था। वहीं दिन के समय सभी बसें बस स्टैंड के सामने व क्रांतिकारी चौक से होते हुए निकलती रही और लोग गर्मी के मौसम में सड़क किनारे खड़े होकर बसों को इंतजार करते रहे और वहीं से अपने गंतव्य तक पहुंचे।
आढ़ती कर चुके मांग
फसल खरीद के दौरान आने वाले समस्याओं को देखते हुए आढ़ती बार-बार जन प्रतिनिधियों, अधिकारियों को मांगपत्र देकर मौजूदा बाढड़ा अनाज मंडी को सब्जी मंडी में तब्दील करने और नई अनाज मंडी की स्थापना करने की मांग कर चुके हैं। लेकिन अभी तक मंडी विस्तार की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पाई है। जनप्रतिनिधियों से कर चुके मांग अनाज मंडी आढ़ती एसोसिएशन प्रधान हनुमान शर्मा ने कहा कि बाढड़ा अनाज करीब सवा दो एकड़ में ही है। लेकिन यहां दर्जनों गांव के किसान अपनी फसल लेकर मंडी पहुंचते है। मंडी में रबी सीजन के दौरान करीब तीन लाख क्विंटल अनाज आवक होती है। जिसमें दो लाख क्विंटल सरसों और एक लाख क्विंटल गेहूं आता है। जबकि खरीफ सीजन में करीब डेढ़ लाख क्विंटल बाजरा की आवक होती है। लेकिन हर बार जगह कम होने के कारण समस्या झेलनी पड़ती है।
जिसको देखते हुए वे मंडी के विस्तार के लिए पूर्व में तत्कालीन कृषि मंत्री जेपी दलाल, भिवानी-महेंद्रगढ़ सांसद धर्मबीर सिंह, बाढड़ा से विधायक रही नैना चौटाला, वर्तमान विधायक उमेद सिंह पातुवास इन सभी नेताओं से गुहार लगा चुके हैं। लेकिन अभी तक मंडी के विस्तार की बात तो दूर मूलभूत सुविधाएं जैसे सुलभ शौचालय, पानी आदि की ही उचित व्यवस्थाएं नहीं हो पाई है।












