तोशाम पीएचसी में निरीक्षण करते हुए सीएमओ।
भिवानी जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति चिंताजनक पाई गई है। हरियाणा के एसीएस और डीजीएचएस डॉ. रघुवीर शांडिल्य के निर्देश पर 31 मार्च को देर रात को सीएमओ ने एसडीएच तोशाम का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण दौरान आपातकालीन विभाग में न तो डॉक्टर थे और
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बिना वर्दी के मिला एम्बुलेंस स्टाफ
एसडीएच में रोस्टर भी अपडेट नहीं था। आपातकालीन और सामान्य वार्ड में कोई मरीज नहीं था। डायग्नोस्टिक सेवाएं बंद मिलीं। एम्बुलेंस स्टाफ ईएमटी वीरेंद्र और ड्राइवर संदीप भी बिना वर्दी के थे। लेबर रूम में मौजूद डॉ. प्रियंका भी वर्दी में नहीं थीं। रात्रि कर्मचारी, वार्ड सर्वेंट, सुरक्षा गार्ड, ईएमटी और सुपरवाइजर एक कमरे में बैठकर गपशप कर रहे थे। बायोवेस्ट का उचित प्रबंधन नहीं किया गया था।

निरीक्षण के दौरान जांच करते सीएमओ।
डिलीवरी प्वाइंट पर लटका मिला ताला
रात 11:15 बजे 24 घंटे डिलीवरी प्वाइंट पीएचसी बीरन का निरीक्षण किया गया। वहां ताला लगा मिला। कर्मचारियों का कोई पता नहीं था। आपातकालीन स्थिति के लिए इंचार्ज और स्टाफ का मोबाइल नंबर भी प्रदर्शित नहीं था। स्वास्थ्य विभाग ने इस लापरवाही पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है। निरीक्षण के आधार पर एसएमओ इंचार्ज को निर्देशित किया है कि वे गैरमौजूद रहने वाले कर्मचारियों का वेतन रोकें।
एसएमओ को कार्रवाई के निर्देश
वहीं दोषी और ड्रेस में न रहने वाले कर्मचारियों के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई करें। साथ ही बेड ऑक्यूपेंसी में सुधार के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएं। डायग्नोस्टिक सेवाएं 24 घंटे उपलब्ध करवाई जानी चाहिए और सभी डॉक्टर और कर्मचारी ड्रेस में उपस्थित रहें। आपातकालीन स्थिति में डॉक्टर और स्टाफ के नाम और मोबाइल नंबर को स्पष्ट रूप से प्रदर्शित किया जाना चाहिए, ताकि तत्काल सहायता उपलब्ध हो सके।












