दिल्ली 21 Oct 2026 Fact Recorder
National Desk : पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के फ्रांस दौरे से लौटने के बाद दिल्ली के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर कथित तौर पर रोके जाने और ₹50 हजार का चालान काटे जाने को लेकर राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। आम आदमी पार्टी (AAP) ने इस मामले में केंद्र सरकार पर सवाल उठाए हैं।
जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री भगवंत मान 17 अक्टूबर को पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट के हस्तक्षेप के बाद फ्रांस के दौरे पर रवाना हुए थे। वह 19 अक्टूबर की देर रात चंडीगढ़ लौटे। AAP के प्रवक्ता बलतेज पन्नू के मुताबिक, फ्रांस से वापसी के दौरान जब मुख्यमंत्री रात करीब 11 बजे दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचे, तो उन्हें सामान न आने का हवाला देकर कई घंटे तक रोके रखा गया।
पन्नू ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री जब एयरपोर्ट से बाहर निकलकर अपनी गाड़ी में बैठ गए, तो पीछे से आए अधिकारियों ने उन्हें रोक लिया और ₹50 हजार का चालान काट दिया। उन्होंने कहा कि हाई कोर्ट ने विदेश दौरे के दौरान मुख्यमंत्री को नियमानुसार प्रोटोकॉल उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए थे।
फ्रांस में भी प्रोटोकॉल नहीं मिलने का आरोप
बलतेज पन्नू ने दावा किया कि प्रोटोकॉल के तहत फ्रांस दौरे के दौरान भारतीय कॉन्सुलेट जनरल के प्रतिनिधि को मुख्यमंत्री से मुलाकात करनी चाहिए थी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने अदालत के आदेशों और निर्धारित प्रोटोकॉल का पालन नहीं किया।
विदेश दौरे की मंजूरी को लेकर भी विवाद
इस मामले की पृष्ठभूमि में केंद्र सरकार के विदेश मंत्रालय द्वारा मुख्यमंत्री भगवंत मान को फ्रांस जाने के लिए राजनीतिक मंजूरी नहीं दिया जाना भी शामिल है। इसके बाद पंजाब सरकार ने केंद्र के फैसले को पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट में चुनौती दी थी। रिपोर्ट के मुताबिक, हाई कोर्ट ने पंजाब सरकार की याचिका स्वीकार कर ली थी।
AAP प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री के फ्रांस दौरे को लेकर केंद्र सरकार का रवैया राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित था। हालांकि, इन आरोपों पर केंद्र सरकार या संबंधित अधिकारियों का पक्ष सामने आना बाकी है।










