18 August 2025 Fact Recorder
Health Desk: आजकल अनियमित दिनचर्या, तनाव और गलत खानपान की वजह से थायराइड की समस्या तेजी से बढ़ रही है। यह गर्दन में स्थित ग्रंथि शरीर के मेटाबॉलिज्म को नियंत्रित करती है। इसके असंतुलन से वजन बढ़ना, थकान और कई अन्य लक्षण सामने आते हैं। योग एक प्राकृतिक उपाय है, जो थायराइड को नियंत्रित करने में मदद कर सकता है। यहां कुछ योगासन और प्राणायाम बताए गए हैं जो थायराइड मरीजों के लिए लाभकारी माने जाते हैं।
सर्वांगासन – यह आसन थायराइड ग्रंथि को सक्रिय करता है और हार्मोन संतुलन में मदद करता है। हालांकि, हाई ब्लड प्रेशर या गर्दन की समस्या वाले लोगों को इसे करने से पहले डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए।
हलासन – यह आसन थायराइड पर सीधा प्रभाव डालता है और उसकी कार्यक्षमता को बेहतर बनाता है। इसे धीरे-धीरे करना चाहिए। रीढ़ की हड्डी कमजोर होने पर इस आसन से बचना चाहिए।
भ्रामरी प्राणायाम – नियमित अभ्यास तनाव कम करता है और हार्मोनल असंतुलन को संतुलित करने में मदद करता है। इसे करने के लिए आंखें बंद कर गहरी सांस लें और भौंरे जैसी ध्वनि निकालें।
उज्जयी प्राणायाम – यह गले की नसों को सक्रिय करता है और थायराइड ग्रंथि को सकारात्मक रूप से प्रभावित करता है। इसे शुरू करने से पहले प्रशिक्षित योग गुरु से मार्गदर्शन लेना जरूरी है।
नोट: थायराइड की गंभीर स्थिति में योगाभ्यास शुरू करने से पहले डॉक्टर से परामर्श अवश्य करें।











