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33 साल बाद जंतर-मंतर से हटी बैरिकेडिंग, अब आम जनता और वाहनों के लिए खुली सड़क; धरना स्थल का दर्जा भी खत्म

November 5,2026 Fact Recorder 

National Desk:  देशभर के आंदोलनों और विरोध प्रदर्शनों का प्रमुख केंद्र रहे दिल्ली के जंतर-मंतर की तस्वीर अब बदल गई है। करीब 33 साल बाद यहां से सुरक्षा बैरिकेडिंग हटा दी गई है और सड़क को आम जनता तथा वाहनों की आवाजाही के लिए खोल दिया गया है। दिल्ली पुलिस ने सुरक्षा का पुराना घेरा हटाने के साथ ही यहां सुरक्षा बलों की तैनाती भी कम करनी शुरू कर दी है।

जंतर-मंतर साल 1993 से देश के विभिन्न हिस्सों से आने वाले लोगों और संगठनों के लिए विरोध दर्ज कराने का प्रमुख ठिकाना रहा है। किसान आंदोलन से लेकर कर्मचारियों, सामाजिक संगठनों और राजनीतिक दलों के प्रदर्शनों तक, कई बड़े आंदोलनों की गवाह यह जगह रही है। हालांकि, अक्टूबर 2026 में दिल्ली पुलिस ने इसे आधिकारिक धरना-प्रदर्शन स्थलों की सूची से हटा दिया था। अब यहां से बैरिकेडिंग हटने के बाद इलाके में सामान्य आवाजाही बहाल हो गई है।

जंतर-मंतर पर अब सामान्य होगी आवाजाही

जंतर-मंतर की सड़क पर लंबे समय से सुरक्षा के मद्देनजर कई स्तरों पर बैरिकेडिंग की गई थी। यहां पुलिस और अर्धसैनिक बलों की तैनाती भी रहती थी। इसके कारण आम लोगों और वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ता था।

अब दिल्ली पुलिस ने बैरिकेडिंग हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके साथ ही पैरामिलिट्री फोर्स, क्विक रिस्पॉन्स टीम (QRT) और एंटी-राइट व्हीकल की तैनाती भी हटाई जा रही है। इससे जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में यातायात सुचारू होने की उम्मीद है।

1993 से आंदोलनों की आवाज बना रहा जंतर-मंतर

साल 1993 में जंतर-मंतर को प्रमुख धरना स्थल के रूप में अधिसूचित किया गया था। इसके बाद से यह जगह देशभर के लोगों के लिए अपनी मांगें सरकार तक पहुंचाने का बड़ा माध्यम बन गई।

किसानों, कर्मचारियों, सामाजिक संगठनों और राजनीतिक दलों ने यहां समय-समय पर धरने और विरोध प्रदर्शन किए। कई बड़े जन आंदोलनों के चलते जंतर-मंतर की पहचान राष्ट्रीय स्तर पर बनी।

CJP के प्रदर्शन के बाद बदला पूरा घटनाक्रम

हाल के दिनों में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) और अन्य संगठनों की ओर से किए गए प्रदर्शनों के बाद जंतर-मंतर को लेकर विवाद बढ़ गया था। अक्टूबर में प्रदर्शन की अनुमति और प्रदर्शनकारियों की आवाजाही को लेकर दिल्ली पुलिस तथा प्रदर्शनकारियों के बीच तनाव की स्थिति बनी थी।

इसके बाद 11 अक्टूबर को दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर को निर्धारित धरना स्थलों की सूची से हटाने का आदेश जारी किया। यह फैसला गृह मंत्रालय की ओर से गठित समिति की सिफारिशों के आधार पर लिया गया।

अब इन तीन जगहों पर हो सकेंगे प्रदर्शन

जंतर-मंतर के स्थान पर दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन और धरने के लिए तीन वैकल्पिक स्थल निर्धारित किए हैं।

  1. रामलीला मैदान: मध्य दिल्ली।

  2. बुराड़ी मैदान: उत्तर दिल्ली।

  3. CBD मैदान: पूर्वी दिल्ली।

अब विभिन्न संगठनों और प्रदर्शनकारियों को धरना या विरोध प्रदर्शन आयोजित करने के लिए इन निर्धारित स्थानों पर अनुमति लेनी होगी।

सड़क खुलने से राहत, लेकिन प्रदर्शन की पुरानी पहचान खत्म

जंतर-मंतर से बैरिकेडिंग हटने के बाद जहां आम लोगों और वाहन चालकों को राहत मिलने की उम्मीद है, वहीं इसके साथ ही इस ऐतिहासिक स्थल की तीन दशक पुरानी धरना-प्रदर्शन की पहचान भी बदल गई है। अब जंतर-मंतर पहले की तरह आधिकारिक विरोध स्थल नहीं रहेगा और दिल्ली में प्रदर्शनों के आयोजन की व्यवस्था नए निर्धारित स्थानों के अनुसार संचालित होगी।