फरीदकोट/सादिक, 11 मई 2026 Fact Recorder
Punjab Desk: स्वास्थ्य विभाग पंजाब के निर्देशानुसार तथा सिविल सर्जन फरीदकोट डॉ. रमणदीप सिंगला के दिशा-निर्देशों और डॉ. प्रीति गोयल, सीनियर मेडिकल अधिकारी, सी.एच.सी. सादिक के नेतृत्व में सरकारी अस्पताल सादिक में आए मरीजों को टी.बी. बीमारी संबंधी जागरूक किया गया।
इस अवसर पर डॉ. प्रीति गोयल ने जानकारी देते हुए बताया कि टी.बी. एक विश्वव्यापी महामारी है और इस बीमारी को समाप्त करने के प्रयासों के प्रति लोगों को जागरूक करने तथा सहयोग का संदेश देने के उद्देश्य से यह कार्यक्रम आयोजित किया गया। उन्होंने बताया कि तपेदिक (टी.बी.) मुख्य रूप से फेफड़ों की बीमारी है और अधिकतर मामलों में फेफड़ों की टी.बी. ही देखने को मिलती है।
उन्होंने बताया कि अन्य बीमारियों की तरह टी.बी. के भी कुछ सामान्य लक्षण होते हैं, जैसे बुखार आना, ठंड लगना, भूख कम लगना, वजन कम होना, थकान रहना और रात के समय पसीना आना आदि। फेफड़ों की टी.बी. में एक सप्ताह से अधिक समय तक लगातार खांसी रहना, कई बार बलगम आना या बलगम में खून आना, तथा छाती में दर्द होना आम लक्षण हैं।
डॉ. गोयल ने बताया कि जिन व्यक्तियों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती है, उनमें टी.बी. का बैक्टीरिया फेफड़ों से खून के माध्यम से शरीर के अन्य हिस्सों में फैल सकता है। टी.बी. एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में तब फैलती है जब संक्रमित व्यक्ति खांसता या छींकता है और उसके द्वारा हवा में छोड़ी गई बूंदों को कोई स्वस्थ व्यक्ति सांस के जरिए अपने अंदर ले लेता है।
टी.बी. से बचाव के लिए रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होना बहुत जरूरी है। इसके लिए पौष्टिक एवं स्वच्छ भोजन का सेवन, नियमित व्यायाम और खुली हवा में सैर करना आवश्यक है। उन्होंने बताया कि सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में टी.बी. की जांच और इलाज पूरी तरह मुफ्त उपलब्ध है।
इस अवसर पर यूनिवर्सिटी कॉलेज ऑफ नर्सिंग के विद्यार्थियों द्वारा नाटक के माध्यम से भी टी.बी. से बचाव संबंधी जागरूकता फैलाई गई। कार्यक्रम में डॉ. जगवीर सिंह मेडिकल अधिकारी, राजिंदर अरोड़ा सीनियर फार्मेसी अधिकारी, रुपिंदर कौर नर्सिंग सिस्टर सहित समूचे स्टाफ ने भाग लिया।













