खांसी की आवाज से सांस की बीमारी बताएगा AI एप ‘स्वासा’

19 फरवरी 2026 फैक्ट रिकॉर्डर

Health Desk:  हेल्थ सेक्टर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है। इसी कड़ी में एक नया AI आधारित मोबाइल एप ‘स्वासा’ तैयार किया गया है, जो सिर्फ खांसी की आवाज सुनकर सांस से जुड़ी बीमारियों की पहचान कर सकता है। इस एप को AIIMS Delhi से मंजूरी मिल चुकी है।

कैसे काम करता है ‘स्वासा’ एप?
यह AI आधारित एप मोबाइल फोन पर चलता है। मरीज को फोन के सामने 2–3 बार खांसना होता है।
एप खांसी की आवाज को रिकॉर्ड करता है और AI एल्गोरिद्म के जरिए उसका विश्लेषण करता है।
करीब 8 मिनट में यह एप रिपोर्ट तैयार कर देता है और बताता है कि मरीज को सांस संबंधी कोई बीमारी है या नहीं।

460 मरीजों पर हुआ सफल ट्रायल
एम्स दिल्ली के सेंटर फॉर कम्युनिटी मेडिसिन में इस एप का ट्रायल करीब 460 मरीजों पर किया गया।
इस दौरान इसकी तुलना गोल्ड स्टैंडर्ड स्पाइरोमेट्री टेस्ट से की गई, जिसमें यह तकनीक काफी प्रभावी पाई गई।
किन बीमारियों की पहचान करता है यह एप?
रिसर्च के अनुसार, यह एप शुरुआती स्तर पर ही

अस्थमा (Asthma)
क्रॉनिक ऑब्स्ट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज (COPD)
जैसी सांस की बीमारियों की पहचान कर सकता है। खांसी की आवाज से यह भी पता चल जाता है कि बीमारी किस स्तर पर है।

ग्रामीण और दूरदराज़ इलाकों में होगा ज्यादा फायदा
आमतौर पर सांस की बीमारियों की जांच के लिए एक्स-रे, सीटी स्कैन और स्पाइरोमेट्री टेस्ट किए जाते हैं, जो हर जगह उपलब्ध नहीं होते।
‘स्वासा’ एप उन इलाकों में बेहद मददगार साबित हो सकता है, जहां ये सुविधाएं मौजूद नहीं हैं।

क्या टीबी की पहचान भी कर पाएगा ‘स्वासा’?
फिलहाल इस एप से टीबी (TB) की जांच संभव नहीं है।
हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि भविष्य में टीबी की पहचान के लिए भी इस तकनीक पर काम किया जा रहा है।
अगर यह सफल होता है, तो टीबी जांच के क्षेत्र में यह एक बड़ी उपलब्धि होगी।