13 May 2026 Fact Recorder
Himachal Desk: Himachal Pradesh में खेल प्रतिभाओं को बेहतर अवसर देने के लिए स्कूल शिक्षा विभाग ने खेल छात्रावासों की चयन प्रक्रिया में बड़ा बदलाव किया है। अब खिलाड़ियों का दाखिला ट्रायल के बजाय उनकी प्रदर्शन रैंकिंग के आधार पर किया जाएगा।
नई व्यवस्था के तहत स्कूल स्तर पर आयोजित अंडर-14 प्रतियोगिताओं में खिलाड़ियों के प्रदर्शन का मूल्यांकन किया जाएगा। जिला और राज्य स्तरीय मुकाबलों में उनके प्रदर्शन के आधार पर रैंकिंग तय होगी और उसी के अनुसार खेल छात्रावासों में प्रवेश मिलेगा।
स्कूल शिक्षा विभाग के निदेशक Ashish Kohli ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिए हैं। विभाग का मानना है कि पुरानी ट्रायल प्रणाली में कई प्रतिभाशाली खिलाड़ी चयन से वंचित रह जाते थे, खासकर दूरदराज के क्षेत्रों जैसे चंबा और सिरमौर के बच्चे ट्रायल तक नहीं पहुंच पाते थे।
प्रदेश में फिलहाल 11 खेल छात्रावास संचालित किए जा रहे हैं, जहां बास्केटबॉल, फुटबॉल, हॉकी, बैडमिंटन, वॉलीबॉल, कबड्डी और बॉक्सिंग जैसे खेलों की ट्रेनिंग दी जाती है। इन छात्रावासों का संचालन स्कूल शिक्षा निदेशालय करता है और खिलाड़ियों को प्रशिक्षित कोचों द्वारा प्रशिक्षण दिया जाता है।
शिक्षा मंत्री Rohit Thakur की समीक्षा बैठक के बाद यह बदलाव लागू किया गया है। विभाग खेल सुविधाओं को मजबूत करने के लिए जिम उपकरणों की खरीद और अन्य संसाधनों पर भी काम कर रहा है।
नई चयन प्रक्रिया के तहत प्रत्येक सीट के लिए तीन खिलाड़ियों को बुलाया जाएगा। उनकी उपलब्धियों और प्रदर्शन के आधार पर अंतिम चयन किया जाएगा। विभाग का कहना है कि इस नई प्रणाली से अधिक पारदर्शिता आएगी और ग्रामीण व दूरस्थ क्षेत्रों की प्रतिभाओं को बेहतर मौका मिलेगा।











