04 नवंबर, 2025 फैक्ट रिकॉर्डर
Haryana Desk: हरियाणा कैबिनेट का बड़ा फैसला: ड्राफ्ट टीचर्स ट्रांसफर पॉलिसी-2025 को मिली मंजूरी, अब शिक्षकों को मिलेगा स्कूल चयन का स्वतंत्र अधिकार हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में मंगलवार को एक अहम निर्णय लिया गया। बैठक में “ड्राफ्ट टीचर्स ट्रांसफर पॉलिसी, 2025” को मंजूरी दे दी गई है। यह नई नीति मौजूदा टीचर्स ट्रांसफर पॉलिसी-2023 की जगह लेगी और इसका उद्देश्य शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी, निष्पक्ष और मांग आधारित बनाना है, ताकि छात्रों के शैक्षणिक हितों की भी रक्षा हो सके।
मुख्य बदलाव और विशेषताएं
ज़ोनिंग सिस्टम खत्म: नई नीति में ज़ोनिंग का कॉन्सेप्ट हटा दिया गया है। अब शिक्षक किसी भी स्कूल को सीधे चुन सकेंगे।
दूरस्थ क्षेत्रों में सेवा करने वालों के लिए प्रोत्साहन:
पहले की तरह, मोरनी हिल्स (पंचकूला), हथीन ब्लॉक (पलवल) और नूंह जिले में कार्यरत शिक्षकों को विशेष लाभ मिलेगा।
नियमित शिक्षकों को बेसिक पे + डीए का अतिरिक्त 10% मिलेगा।
गेस्ट टीचर्स को 10,000 रुपये प्रति माह अतिरिक्त राशि दी जाएगी।
ट्रांसफर प्रक्रिया और स्कोरिंग सिस्टम
शिक्षकों को स्कूल आवंटन कुल 80 अंकों के कम्पोजिट स्कोर के आधार पर किया जाएगा—
आयु को अधिकतम 60 अंक का वेटेज दिया जाएगा।
विशेष श्रेणियों (महिलाएं, विधवा/विधुर, दिव्यांग, गंभीर बीमार शिक्षक, महिला मुखिया परिवार, और जिन शिक्षकों के छात्रों के परिणाम बेहतर हैं) को अधिकतम 20 अतिरिक्त अंक मिलेंगे।
इसके अलावा, जिन शिक्षकों पर मुख्य दंड की अवधि चल रही होगी, उनके स्कोर में 10 अंकों की कटौती की जाएगी।
शिकायत निवारण और दंपत्ति मामलों में राहत
यदि कोई शिक्षक ट्रांसफर से असंतुष्ट है, तो वह सक्षम प्राधिकारी के समक्ष शिकायत दर्ज करा सकता है।
दंपत्ति मामलों में अब पति-पत्नी के कार्यस्थल के बीच दूरी पर कोई प्रतिबंध नहीं होगा, और एक कर्मचारी को 5 अतिरिक्त अंक दिए जाएंगे।
नई नीति का मकसद शिक्षकों को समान अवसर देना, दूरस्थ क्षेत्रों में सेवा को प्रोत्साहित करना और छात्रों की शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार लाना है।













