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मांवां-धियां सत्कार योजना के तहत बड़ी संख्या में महिलाओं को 3,000 रुपये मिले; बाकी बची माताओं-बहनों को पहली अगस्त को मिलेंगे पैसे: अरविंद केजरीवाल

· मुख्यमंत्री भगवंत मान या उनकी सरकार पर एक रुपये का भी भ्रष्टाचार का आरोप नहीं लगाया जा सकता; बचाया गया हर एक रुपया जनता पर खर्च किया जा रहा है: अरविंद केजरीवाल

· पंजाब सनातन धर्म के बेमिसाल जश्न का गवाह बन रहा है; पहली बार 22 शहरों में शिव जी भजन संध्याएं करवाई जा रही हैं: अरविंद केजरीवाल

· भगवंत मान सरकार ने ‘मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना’ का दायरा बढ़ाया; पहली अगस्त से खाटू श्याम जी, सालासर जी, हरिद्वार, ऋषिकेश, मथुरा और वृंदावन के लिए तीन नए रूट शुरू: अरविंद केजरीवाल

· 80 करोड़ रुपये की लागत से काली मंदिर का शानदार नवीनीकरण पूरा होने के करीब; अमृतसर में भगवान वाल्मीकि मंदिर के साथ बनेगा शानदार सीता माता और लव-कुश मंदिर: अरविंद केजरीवाल

· पंजाब की धरती इतनी उपजाऊ है कि यहां हर बीज उग आता है, लेकिन नफरत का बीज यहां कभी नहीं उग सकता: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान

· खजाना जनता का है, मेरा कर्तव्य लूट को रोकना और जनता का पैसा जन कल्याण के लिए खर्च करना है: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान

· हमें पंजाब को कैलिफोर्निया, लंदन या पेरिस बनाने की जरूरत नहीं है, हमें इसे ‘रंगला पंजाब’ बनाना है: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान

· पंजाब सबका है, हमारी राम नवमी, गुरुपर्व, हनुमान जयंती, ईद, शहीदी दिवस और महान देशभक्त सबके साझे हैं: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान

· आप के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान पठानकोट में ‘एक शाम भगवान शिव के नाम’ भजन संध्या में शामिल हुए

पठानकोट; 18 जुलाई 2026 Fact Recorder

Punjab Desk:  आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान आज यहां ‘एक शाम भगवान शिव के नाम’ भजन संध्या में हजारों श्रद्धालुओं के साथ शामिल हुए। हर धर्म को संभालने और फलने-फूलने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए ‘आप’ प्रमुख ने कहा कि पंजाब सभी धर्मों की समृद्ध आध्यात्मिक विरासत के साथ-साथ सनातन परंपराओं को मनाने के प्रयासों का गवाह बन रहा है।

सभा को संबोधित करते हुए ‘आप’ प्रमुख ने श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस को धूमधाम से मनाने, श्री गुरु रविदास जी महाराज के 650वें प्रकाश पर्व की चल रही तैयारियों/जश्न, ‘मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना’ के विस्तार और पटियाला के ऐतिहासिक काली माता मंदिर के पुनर्विकास का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पंजाब के सभी 22 जिलों में ‘एक शाम भगवान शिव के नाम’ कार्यक्रम करवाए जा रहे हैं और लोग खुशी जता रहे हैं कि प्रदेश में पहली बार सनातन धर्म के लिए इतने बड़े पैमाने पर कार्यक्रम करवाए जा रहे हैं।

भजन संध्या में श्रद्धालुओं का स्वागत करते हुए ‘आप’ के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कहा, “आज आप सभी यहां इतनी बड़ी संख्या में शिव जी के भजन सुनने और भक्ति में लीन होने के लिए इकट्ठा हुए हैं। आपका उत्साह और खुशी देखकर बहुत अच्छा लग रहा है। मैं यह भी देख रहा हूं कि कई माताएं, बहनें और बेटियां भी हमारे साथ जुड़ी हैं।”

मांवां-धियां सत्कार योजना के बारे में बड़ा ऐलान करने से पहले ‘आप’ सुप्रीमो ने कहा, “मैं देख सकता हूं कि आप में से बड़ी संख्या में लोगों ने अपने बैंक खातों में 3,000 रुपये प्राप्त करने के बाद हाथ खड़े किए हैं। अब मुझे देखने दो, आप में से कितने ऐसे हैं, जिन्होंने अपना रजिस्ट्रेशन पूरा कर लिया है लेकिन अभी तक पैसे नहीं मिले? मेरे पास आपके लिए एक खुशखबरी है। मैं अभी मुख्यमंत्री भगवंत मान से बात कर रहा था। पहली अगस्त को भगवंत मान पठानकोट आएंगे और यह राशि सीधे आपके खातों में ट्रांसफर कर दी जाएगी। हर वह व्यक्ति जिसका रजिस्ट्रेशन पूरा हो चुका है लेकिन भुगतान अभी बाकी है, उसे भी 1 अगस्त को अपने बैंक खाते में पैसे मिल जाएंगे।”

धन्यवाद जताते हुए अरविंद केजरीवाल ने कहा, “गुरु साहिब की कृपा है कि हमें भगवंत मान जैसा ईमानदार मुख्यमंत्री मिला है। मुझे याद है कि पिछले हर मुख्यमंत्री और उनके मंत्रियों पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे थे। पहली बार पंजाब को ऐसा मुख्यमंत्री मिला है, जिस पर एक रुपये के भ्रष्टाचार का आरोप भी कोई नहीं लगा सकता। कोई भी उन पर, उनके परिवार या उनके किसी मंत्री पर एक रुपये के भ्रष्टाचार का आरोप नहीं लगा सकता। एक-एक रुपया बचाकर उन्होंने आपके लिए बिजली मुफ्त की, 10 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा दिया, आपके लिए ‘तीर्थ यात्राओं’ का प्रबंध किया और अब हर महीने आपके खातों में 1,000 रुपये जमा करवा रहे हैं।”

सरकार के धार्मिक प्रयासों पर प्रकाश डालते हुए ‘आप’ प्रमुख ने जोर देकर कहा, “आप सभी आज यहां इतनी बड़ी संख्या में इकट्ठा हुए हैं। पूरे पंजाब में ये ‘एक शाम भगवान शिव के नाम’ भजन संध्याएं करवाई जा रही हैं। मैं पहले ही अमृतसर, जालंधर और कई अन्य शहरों का दौरा कर चुका हूं। मुख्यमंत्री भगवंत मान भी कई जगहों पर मेरे साथ शामिल होते हैं। 22 शहरों में शिव जी भजन संध्याएं करवाई जा रही हैं। पंजाब में यह पहली बार है कि किसी सरकार या राजनीतिक पार्टी ने सनातन धर्म के लिए इतने बड़े पैमाने पर काम किया है।”

तीर्थ यात्रा योजना के विस्तार का ऐलान करते हुए अरविंद केजरीवाल ने कहा, “मेरे पास आपके लिए एक और खुशखबरी है। हमारी ‘मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा’ योजना पहले से ही दो रूटों के साथ चल रही है। एक रूट श्री दरबार साहिब और दूसरा श्री आनंदपुर साहिब जाता है। पहली अगस्त से तीन और रूट शुरू होंगे। खाटू श्याम जी और सालासर जी के रूट शुरू होंगे। एक और रूट हरिद्वार और ऋषिकेश के लिए और एक और मथुरा और वृंदावन के लिए शुरू होगा। आप सभी को जरूर जाना चाहिए। हमने 1.5 लाख श्रद्धालुओं के लिए प्रबंध किए हैं, जो इन तीनों रूटों पर तीर्थ यात्रा करेंगे।”

‘आप’ सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल ने अपनी बात जारी रखते हुए कहा, “क्या आपने पटियाला के काली माता मंदिर के दर्शन किए हैं? इस मंदिर के प्रति लोगों की गहरी आस्था है। मान्यता है कि यहां श्रद्धा से मांगी गई हर मनोकामना मां काली पूरी करती हैं और भक्तों के सभी कष्ट दूर करती हैं। पूरे उत्तर भारत में इस मंदिर की विशेष मान्यता है। मुख्यमंत्री भगवंत मान 80 करोड़ रुपये की लागत से पूरे काली माता मंदिर परिसर का व्यापक जीर्णोद्धार करवा रहे हैं। यह कार्य अक्टूबर तक पूरा हो जाएगा। इसके बाद आप सभी वहां अवश्य जाएं, मां काली के चरणों में शीश नवाएं, उनका आशीर्वाद प्राप्त करें, अपने परिवारों को सुखी रखें और अपनी मनोकामनाएं पूर्ण करें।”

एक अन्य महत्वपूर्ण धार्मिक परियोजना का उल्लेख करते हुए अरविंद केजरीवाल ने कहा, “जैसा कि आप सभी जानते हैं, अमृतसर में भगवान वाल्मीकि मंदिर स्थित है। मान्यता है कि भगवान वाल्मीकि वहीं निवास करते थे, वहीं उन्होंने रामायण की रचना की, माता सीता ने भी वहीं निवास किया तथा लव और कुश का जन्म एवं शिक्षा-दीक्षा भी वहीं हुई। यही वह स्थान है जहां लव-कुश ने भगवान राम के अश्वमेध यज्ञ के घोड़े को रोककर एक वृक्ष से बांध दिया था। पंजाब सरकार ने निर्णय लिया है कि भगवान वाल्मीकि मंदिर के साथ ही माता सीता तथा लव-कुश को समर्पित एक भव्य मंदिर का निर्माण कराया जाएगा।”

इस अवसर पर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने भगवान शिव के चरणों में श्रद्धापूर्वक शीश नवाकर उपस्थित श्रद्धालुओं का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि भगवान शिव के प्रति अटूट आस्था रखने वाले श्रद्धालु बड़ी संख्या में भक्ति में लीन होने के लिए इस आयोजन में पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए श्रद्धालुओं द्वारा उठाया गया प्रत्येक कदम सम्मान और श्रद्धा का प्रतीक है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब की धरती अत्यंत उपजाऊ है और यहां बोया गया हर बीज अंकुरित होता है, लेकिन एक बीज ऐसा है जो पंजाब की धरती पर कभी नहीं उग सकता, वह है नफरत का बीज। उन्होंने कहा कि पंजाब की सबसे बड़ी पहचान उसकी सांप्रदायिक सद्भावना, भाईचारा और सामाजिक एकता है। यहां के त्योहार और परंपराएं सभी की साझी विरासत हैं। रामनवमी, गुरुपर्व, हनुमान जयंती, ईद और शहीदी दिवस सभी पंजाबवासियों के साझा पर्व हैं। इसी प्रकार शहीद भगत सिंह, करतार सिंह सराभा, गदर आंदोलन के महानायक तथा लाला लाजपत राय पूरे समाज की साझा धरोहर हैं।

उन्होंने कहा कि पंजाब की संस्कृति मिल-जुलकर रहने और एक-दूसरे के सुख-दुख में सहभागी बनने की रही है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इतने विशाल जनसमूह को देखकर उन्हें अत्यंत संतोष और प्रसन्नता हुई है। उन्होंने कहा कि इस आयोजन में अनेक ऐसे लोग भी शामिल हुए हैं, जो संभवतः पहले कभी इस प्रकार के धार्मिक आयोजन का हिस्सा नहीं बने थे।

उन्होंने बताया कि उन्होंने स्वयं परिवारों को अपने छोटे-छोटे बच्चों के साथ पैदल कार्यक्रम स्थल की ओर जाते देखा और श्रद्धालुओं की लंबी कतारें इस आयोजन की लोकप्रियता और आस्था का प्रमाण हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब में पहले इस प्रकार के भव्य धार्मिक आयोजन कम ही देखने को मिलते थे।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने पठानकोट के लोगों को आश्वस्त करते हुए कहा कि उनकी सरकार जनसेवा में कभी कोई कमी नहीं आने देगी। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारें बार-बार यह कहकर अपनी जिम्मेदारी से बचती रहीं कि राज्य का खजाना खाली है, लेकिन उनकी साढ़े चार वर्ष की सरकार ने कभी ऐसा दावा नहीं किया। उन्होंने कहा, “राज्य का खजाना हमेशा जनता के लिए खुला है, क्योंकि यह जनता का ही धन है। हमारा कर्तव्य केवल भ्रष्टाचार, चोरी और फिजूलखर्ची को रोकना है। पहले यही पैसा नेताओं और उनके रिश्तेदारों की जेबों में चला जाता था, लेकिन हमने उन सभी रिसावों को बंद कर दिया है।”

उन्होंने कहा कि पूरे पंजाब में तेजी से सड़क निर्माण कराया जा रहा है, लगभग 68 हजार युवाओं को सरकारी नौकरियां दी जा चुकी हैं, आम नागरिकों को 10 लाख रुपये तक का मुफ्त स्वास्थ्य उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है तथा ‘मावां-धियां सत्कार योजना’ के अंतर्गत महिलाओं को सम्मान राशि के रूप में 1,000 रुपये तथा अनुसूचित जाति वर्ग की महिलाओं को 1,500 रुपये प्रतिमाह दिए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इन उपलब्धियों का सबसे महत्वपूर्ण पहलू यह है कि राज्य का वही खजाना, वही बिजली व्यवस्था और वही सरकारी ढांचा होने के बावजूद आज जनता को उसका वास्तविक लाभ मिल रहा है। उन्होंने कहा, “आज पंजाब के लगभग 90 प्रतिशत घरों में बिजली का बिल शून्य आ रहा है।”

उन्होंने लोगों द्वारा दिए गए स्नेह और सम्मान के लिए पुनः आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह प्रेम इस बात का संकेत है कि लोग अब पठानकोट के विकास का एक नया अध्याय लिखने के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा, “जब समय आएगा, तब हम सब मिलकर पठानकोट के लिए एक नई कहानी लिखेंगे।”

मुख्यमंत्री ने लोगों से एकजुट रहने और योग्य तथा ईमानदार जनप्रतिनिधियों का चयन करने का आह्वान किया। उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित धार्मिक संतों और महात्माओं का उल्लेख करते हुए कहा कि वे समाज को आध्यात्मिक शिक्षा देने और सत्संग के माध्यम से लोगों को सही मार्ग दिखाने का महान कार्य कर रहे हैं।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने दिल्ली से विशेष रूप से कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे ‘आप’ के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल का आभार व्यक्त किया तथा पार्टी के वरिष्ठ नेता मनीष सिसोदिया का भी स्वागत किया।

लोगों से मिलकर पंजाब के विकास का संकल्प लेने का आह्वान करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “आइए, हम सब मिलकर पंजाब को फिर से रंगला पंजाब बनाएं।
हमें पंजाब को कैलिफोर्निया, लंदन या पेरिस बनाने की आवश्यकता नहीं है। हमें अपनी पहचान के अनुरूप एक समृद्ध, खुशहाल और बेहतर पंजाब बनाना है। पंजाब से नशा, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार का पूरी तरह अंत होना चाहिए। हमें ऐसा ‘रंगला पंजाब’ बनाना है, जिसमें पठानकोट भी अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाए।”

अपने संबोधन के अंत में मुख्यमंत्री ने उपस्थित जनसमूह से पूछा कि क्या वे इस मिशन के लिए तैयार हैं। इसके बाद उन्होंने पूरे उत्साह के साथ श्रद्धालुओं के साथ “हर-हर महादेव” का जयघोष किया और सभी को शुभकामनाएं देते हुए घोषणा की कि सुप्रसिद्ध गायक कैलाश खेर भगवान शिव को समर्पित अपने भक्ति-भजन प्रस्तुत करेंगे।