देर रात को आरोपी बेटे हिम्मत को क्राइम सीन के लिए कमालपुरा गांव में लेकर पहुंची पुलिस टीम।
हरियाणा में करनाल के कमालपुर रोडान गांव में कलयुगी बेटे ने शातिराना तरीके से अपने ही मां-बाप को मौत के घाट उतार दिया। हत्याकांड को अंजाम देने के लिए आरोपी ने अपने साथ काम करने वाले टिकरी गांव के दोस्त की कार का इस्तेमाल किया। हालांकि दोस्त ने उसे का
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गांव में महिला बाला का अंतिम संस्कार करते परिजन।
आरोपी को गिरफ्तार करने के बाद इंद्री थाना पुलिस और एसडीआरएफ की टीमों ने महेंद्र की तलाश के लिए गगसीना के पास सर्च ऑपरेशन भी चलाया, लेकिन महेंद्र का कुछ भी सुराग नहीं लग पाया। वहीं दूसरी ओर पुलिस ने टिकरी गांव में पहुंचकर उसके दोस्त की कार की तलाशी ली, ताकि उसके अंदर से सबूत एकत्रित किए जा सके। उसका दोस्त भी सन्न था कि उसके दोस्त ने उसकी गाड़ी का इस्तेमाल इस तरह से किया।
दोस्त ने कार के लिए किया मना, जिद्द करके ले गया
गांव टिकरी के शिव ने बताया कि मै और हिम्मत सिंह डीपीएस स्कूल करनाल में ड्राइवर काम करते है। 13 मार्च की शाम को मेरे पास हिम्मत सिंह का फोन आया। हिम्मत ने मुझसे कहा कि मेरे मौलसरे (पत्नी के मौसा) को चोट लगी हुई है और मुझे तुम्हारी कार लेकर जानी है। मैने हिम्मत को कहा कि मुझे 14 मार्च रस्म क्रिया में जाना है इसलिए मैं गाड़ी नहीं दे सकता। लेकिन वह जिद्द पर अड़ गया और बोला कि जल्दी ही गाड़ी दे देगा।

गगसीना नहर पर महेंद्र की तालाश करने पहुंची एसडीआरएफ की टीम।
सुबह जल्दी से जल्दी गाड़ी दे देगा। वह गाड़ी लेकर चला गया और सुबह 8 बजे तक कार वापिस खड़ी कर गया। मुझे इसकी भनक भी नहीं थी कि हिम्मत ने कोई वारदात की है और न ही मैने कोई न्यूज देखी, क्योंकि सुबह ही मैं ड्यूटी पर चला गया था। मुझे 17 मार्च को घटना के बारे में पता चला और वह भी सीआईए के जरिये। उसके बाद से मैने गाड़ी को छुआ तक नहीं। हालांकि हिम्मत सिंह के पास भी ग्रैंड आई-10 कार है।
कमालपुर में क्राइम सीन पर आरोपी को लेकर पहुंची पुलिस
आरोपी बेटे को गिरफ्तार करने के बाद मंगलवार देर शाम को सीआईए-2 पुलिस आरोपी हिम्मत सिंह को लेकर कमालपुर रोडान गांव में क्राइम सीन पर लेकर पहुंची। जहां पर सीन रिक्रिएट किया गया और आरोपी ने किस तरह से हत्याकांड को अंजाम दिया, वह जाना गया। अब पुलिस आरोपी कोर्ट में पेश कर आगामी कार्रवाई करेगी। फिलहाल पुलिस को अभी तक महेंद्र के बारे में कोई सुराग नहीं लगा है।

जिस गाड़ी में शवों को लेकर गया बेटा की तालाश करती टीम।
अब सिलसिलेवार ढंग से जानिए क्या है पूरा मामला
गांव कमालपुर रोडान में महेंद्र सिंह अपनी पत्नी बाला के साथ घर पर रहता था। उसका हिम्मत नाम का बेटा है और एक बेटी है। बेटी की भी शादी हो चुकी है और बेटे ने करीब एक साल पहले लव मैरिज कर ली थी और वह करनाल के उचाना गांव में अपनी पत्नी के साथ किराये के मकान में रह रहा था। हिम्मत सिंह डीपीएस स्कूल करनाल में ड्राइवर का काम करता था। उसके पिता उसकी शादी से नाराज थे और प्रोपर्टी को लेकर दोनों के बीच झगड़ा होता रहता था।

आरोपी बेटे हिम्मत को गांव गगसीना में नहर पर लेकर पहुंची पुलिस।
13 मार्च की रात को दिया हत्याकांड को अंजाम
हिम्मत 13 मार्च की आधी रात को कमालपुर गांव में अपने दोस्त शिव की कार लेकर पहुंचा था। यह कार गांव के सीसीटीवी कैमरों में भी देखी गई थी और चक्कर लगाती हुई नजर आई थी। आधी रात को करीब एक बजे वह घर के अंदर घुस गया और हत्याकांड को अंजाम दे दिया। तेजधार हथियार से अपनी मां को गोद दिया और दोनों की लाश कार में डाला और फिर मेन गेट का ताला लगा दिया। गगसीना गांव के पास नहर में फेंक दी और कार अपने दोस्त के घर खड़ी करके चला गया।

गाड़ी से साक्ष्य जुटाती एफएसएल टीम।
दो दिन तक घर के बाहर लटका रहा ताला
14 मार्च को होली के दिन महेंद्र के घर के बाहर ताला लगा हुआ था। परिजनों ने सोचा कि पति पत्नी किसी रिश्तेदारी में गए होंगे, लेकिन 15 मार्च की शाम तक भी ताला लगा हुआ था। जिसके बाद चचेरे भाई नफे सिंह ने रिश्तेदारियों में कॉल करके महेंद्र की सुध लेनी चाही, लेकिन वह किसी रिश्तेदारी में नहीं थे। जिसके बाद थोड़ा शक हुआ।
15 मार्च की शाम परिवार के एक सदस्य को दीवार फांदकर घर के अंदर भेजा गया, जहां बरामदे में खून बिखरा हुआ मिला। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। घर में किसी के घसीटने के निशान पुलिस को मिले थे। जिसके बाद से ही सीआईए-2, डीएसपी इंद्री और इंद्री थाना पुलिस मामले की जांच में जुट गई थी।

नहर में मेंहद्र की तालाश करती एसडीआरएफ की टीम।
बेटे और चाचा से पूछताछ
घटना के बाद से ही 15 मार्च को पुलिस ने बेटे हिम्मत सिंह और चाचा सुरेंद्र को हिरासत में ले लिया था। पारिवारिक झगड़े से जोड़कर मामले को देखा जा रहा था, इसलिए शक की सूई बेटे पर जा रही थी। सीआईए-2 ने हिम्मत सिंह से गहनता से पूछताछ की, जिसके बाद एक-एक करके सारी बाते सामने आती चली गई, हालांकि पुलिस इस मामले में कुछ भी कहने से बच रही थी और लगातार सबूत इकट्ठे कर रही थी।
16 मार्च को मोर्चरी हाउस पानीपत में मिली महिला की लाश
पुलिस लगातार पति पत्नी की तलाश कर रही थी। पुलिस को मोर्चरी हाउस पानीपत में महिला की लाश होने की जानकारी मिली। जिसके बाद पुलिस मृतक के परिजनों के साथ पहुंची, जहां पर महिला की शिनाख्त हुई। महिला के शरीर पर तेजधार हथियार के निशान मिले और गला भी दबाया हुआ था। पानीपत मोर्चरी हाउस से पता चला कि महिला की डेडबॉडी 14 मार्च को डाहर-बिंझोल पुल के पास 10 से 11 बजे के बीच नहर से मिली थी। जिसको जनसेवा दल पानीपत के कपिल मल्होत्रा ने मोर्चरी हाउस पहुंचाया था।

रात को गांव कमालपुरा में मृतक दंपति के घर बाहर एकत्रित ग्रामीण।
17 को डॉक्टरों के बोर्ड ने किया पोस्टमॉर्टम
पुलिस ने शव को अपने कब्जे में ले लिया और करनाल में डॉक्टरों के बोर्ड द्वारा 17 मार्च को पोस्टमॉर्टम की कार्रवाई की गई। जिसमें पुलिस ने एक एक डिटेल ली। पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। जिसके बाद शााम को ही महिला का दाह संस्कार कर दिया गया। दाह संस्कार की कार्रवाई के बाद पुलिस फिर से आगे की कार्रवाई में जुट गई।
दाह संस्कार पर पहुंचे कपिल मल्होत्रा ने बताया था कि प्राथमिक जांच में यह हत्या का मामला लगा क्योंकि महिला के चेहरे, गले और हाथों पर चोट के गहरे निशान थे। महिला पुलिसकर्मियों ने शव की जांच की तो उसकी छाती पर भी चोटें पाई गईं। बाद में जब कमालपुर की घटना के बारे में खबर सामने आई, तो शव की शिनाख्त राजबाला के रूप में हुई।

महिला के संस्कार में मौजूद पुलिस व ग्रामीण।
18 मार्च को हुआ बड़ा खुलासा, आरोपी गिरफ्तार
18 मार्च को पुलिस हिरासत में आरोपी हिम्मत सिंह ने मामले का खुलासा किया और हत्या का कारण प्रोपर्टी विवाद सामने आया। उसने पुलिस को पूरी डिटेल दी और उसके बाद पुलिस आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। अब पुलिस मामले के अन्य पहलूओं को लेकर भी जांच में जुटी हुई है, लेकिन पुलिस कुछ भी खुलकर नहीं बता रही है।
महेंद्र का अब तक नहीं लगा सुराग, एसडीआरएफ जुटी तलाश में
ग्रामीणों के अनुसार, महेंद्र के दाहिने हाथ का अंगूठा और एक अंगुली बचपन से कटी हुई थी। इसी आधार पर उसकी तस्वीर को आसपास के इलाकों में सर्कुलेट किया गया है ताकि कोई भी शव मिलने पर उसकी पहचान की जा सके। 18 मार्च को इंद्री पुलिस ने गगसीना के पास एसडीआरएफ की टीम के साथ महेंद्र की तलाश में सर्च ऑपरेशन चलाया, लेकिन कोई सुराग नहीं लगा। सीआईए-2 की टीम एफएसएल के साथ टिकरी गांव में शिव की कार की जांच करने के लिए पहुंची और रात को हिम्मत सिंह को लेकर कमालपुर रोडान गांव में पहुंची और निशानदेही करवाई।

गांव में महिला बाला के संस्कार मे मौजूद ग्रामीण।
ब्लाइंड मर्डर की गुत्थी सुलझाने के बाद अब पुलिस महेंद्र की तलाश में जुटी है और हत्यारे को कोर्ट में पेश करने की तैयारी कर रही है। इंद्री डीएसपी सतीश गौतम ने बताया कि आरोपी हिम्मत सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया है। महेंद्र का अभी तक कोई सुराग नहीं लग पाया है। गगसीना के पास भी नहर में सर्च ऑपरेशन चलाया गया है। आरोपी को कोर्ट में पेश कर आगामी कार्रवाई की जाएगी।












