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दिल्ली में कांग्रेस की रैली टालने की मांग: व्यापारियों ने सोनिया गांधी को लिखा पत्र, 12 हजार करोड़ रुपये तक कारोबार प्रभावित होने की आशंका

October 30,2026 Fact Recorder

Politics Desk: दिल्ली में 1 नवंबर को रामलीला मैदान में प्रस्तावित कांग्रेस की विशाल रैली को स्थगित करने की मांग उठने लगी है। चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री (CTI) ने शुक्रवार को वरिष्ठ कांग्रेस नेता सोनिया गांधी को पत्र लिखकर रैली को दीपावली के बाद आयोजित करने का अनुरोध किया है। व्यापारी संगठन का दावा है कि रैली के चलते राजधानी के करीब 20 प्रमुख बाजारों में 10 हजार करोड़ से 12 हजार करोड़ रुपये तक का कारोबार प्रभावित हो सकता है।

अखिलेश यादव और ममता बनर्जी को भी लिखा पत्र

रैली को टालने की मांग सिर्फ CTI तक सीमित नहीं है। फेडरेशन ऑफ सदर बाजार ट्रेडर्स एसोसिएशन (FESTA) और खारी बावली की किराना कमेटी ने भी विपक्षी गठबंधन INDIA के वरिष्ठ नेताओं अखिलेश यादव और ममता बनर्जी को पत्र भेजा है।

व्यापारी संगठनों ने नेताओं से अपील की है कि त्योहारों के व्यस्त कारोबारी सीजन को देखते हुए रामलीला मैदान में प्रस्तावित रैली को दीपावली के बाद आयोजित किया जाए।

त्योहारों की खरीदारी के बीच कारोबार प्रभावित होने की आशंका

CTI के मुताबिक, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की प्रस्तावित रैली ऐसे समय हो रही है, जब दिल्ली के बाजारों में दीपावली की खरीदारी और व्यापारिक गतिविधियां तेज हैं। संगठन का कहना है कि धनतेरस और दीपावली नजदीक होने के कारण बाजारों में ग्राहकों की आवाजाही, सामान की आपूर्ति और परिवहन का दबाव काफी बढ़ जाता है।

व्यापारियों को आशंका है कि रैली के कारण यातायात व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। इससे ग्राहकों को बाजारों तक पहुंचने में परेशानी होगी और सामान की ढुलाई भी बाधित हो सकती है। CTI ने इसी आधार पर करीब 20 प्रमुख बाजारों में 10 हजार से 12 हजार करोड़ रुपये तक के कारोबार पर असर पड़ने की आशंका जताई है।

व्यापारियों ने नेताओं से व्यक्तिगत हस्तक्षेप की अपील की

FESTA ने अपने पत्र में कहा है कि दिल्ली के लाखों व्यापारियों, दुकानदारों और छोटे कारोबारियों के हितों को ध्यान में रखते हुए इस मामले में व्यक्तिगत हस्तक्षेप किया जाना चाहिए। संगठन ने गठबंधन के वरिष्ठ नेताओं से राहुल गांधी को समझाने की अपील की है कि राजनीतिक कार्यक्रमों के कारण व्यापारियों के सबसे महत्वपूर्ण कारोबारी सीजन पर असर नहीं पड़ना चाहिए।

व्यापारी संगठनों की मांग है कि रैली को दीपावली के बाद आयोजित किया जाए, ताकि त्योहारों के दौरान बाजारों में कारोबार, ग्राहकों की आवाजाही और सामान की आपूर्ति सामान्य रूप से जारी रह सके।

फिलहाल व्यापारी संगठनों ने रैली को स्थगित करने की मांग उठाई है। रैली की तारीख में बदलाव को लेकर कांग्रेस की ओर से क्या फैसला लिया जाता है, इस पर सबकी नजरें टिकी हैं।