Friday, 30 October 2026 Fact Recorder
Rashifal Desk: शुक्रवार का दिन मां लक्ष्मी की पूजा और उनकी कृपा प्राप्त करने के लिए विशेष माना जाता है। हिंदू पंचांग के अनुसार, आज कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की पंचमी तिथि है। आज मृगशिरा नक्षत्र, शिव योग, कौलव करण और मिथुन राशि में चंद्रमा का संचार रहेगा। शाम 7 बजकर 24 मिनट तक पंचमी तिथि रहेगी, इसके बाद षष्ठी तिथि शुरू हो जाएगी। वहीं रात 8 बजकर 41 मिनट के बाद सिद्ध योग का निर्माण होगा।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पंचमी तिथि के अधिष्ठाता नाग देवता हैं। इस दिन नाग देवता की पूजा करने से जीवन में सुख-शांति और सुरक्षा की कामना की जाती है। वहीं शुक्रवार का दिन माता लक्ष्मी को समर्पित है। इस दिन विधि-विधान से मां लक्ष्मी की पूजा करने और व्रत रखने से सुख-समृद्धि तथा आर्थिक खुशहाली की कामना की जाती है।
शुक्रवार को कैसे करें मां लक्ष्मी की पूजा?
आज शुक्रवार का व्रत रखने वाले श्रद्धालु सुबह स्नान आदि से निवृत्त होकर व्रत का संकल्प लें। दिनभर उपवास रखें और अपनी श्रद्धा के अनुसार फलाहार करें। शाम को सूर्यास्त के बाद मां लक्ष्मी की पूजा करें।
पूजा के लिए एक साफ चौकी पर माता लक्ष्मी की प्रतिमा या तस्वीर स्थापित करें। इसके बाद उन्हें सिंदूर, फूल, अक्षत, धूप, दीप और नैवेद्य अर्पित करें। माता को खीर, दूध से बनी मिठाई और फल का भोग लगाएं। इसके बाद श्री लक्ष्मी चालीसा का पाठ करें और शुक्रवार व्रत कथा सुनें।
धार्मिक मान्यता के अनुसार, माता लक्ष्मी को पीले रंग की कौड़ियां अर्पित करना भी शुभ माना जाता है। पूजा के बाद इन कौड़ियों को धन रखने के स्थान या तिजोरी में रख सकते हैं। आज सफेद और गुलाबी रंग के वस्त्र पहनना, इत्र लगाना और सौंदर्य सामग्री का दान करना भी शुभ माना गया है।
आज का पंचांग (Aaj Ka Panchang 30 October 2026)
- दिन: शुक्रवार
- मास: कार्तिक
- पक्ष: कृष्ण पक्ष
- तिथि: पंचमी शाम 07:24 बजे तक, इसके बाद षष्ठी
- नक्षत्र: मृगशिरा सुबह 09:04 बजे तक, इसके बाद आर्द्रा
- करण: कौलव सुबह 08:45 बजे तक, तैतिल शाम 07:24 बजे तक, इसके बाद गर
- योग: शिव रात 08:41 बजे तक, इसके बाद सिद्ध
- चंद्र राशि: मिथुन
- दिशाशूल: पश्चिम दिशा
सूर्योदय, सूर्यास्त और चंद्रोदय का समय
- सूर्योदय: सुबह 06:31 बजे
- सूर्यास्त: शाम 05:38 बजे
- चंद्रोदय: रात 09:23 बजे
- चंद्रास्त: सुबह 10:57 बजे
आज के शुभ मुहूर्त (Shubh Muhurat)
- ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 04:48 से 05:40 बजे तक
- अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11:42 से दोपहर 12:27 बजे तक
- विजय मुहूर्त: दोपहर 01:56 से 02:40 बजे तक
- अमृत काल: रात 09:58 से 11:27 बजे तक
- निशिता मुहूर्त: रात 11:39 से 12:31 बजे तक (31 अक्टूबर)
दिन का शुभ चौघड़िया मुहूर्त
- चर-सामान्य: सुबह 06:31 से 07:55 बजे तक
- लाभ-उन्नति: सुबह 07:55 से 09:18 बजे तक
- अमृत-सर्वोत्तम: सुबह 09:18 से 10:41 बजे तक
- शुभ-उत्तम: दोपहर 12:05 से 01:28 बजे तक
- चर-सामान्य: शाम 04:14 से 05:38 बजे तक
रात का शुभ चौघड़िया मुहूर्त
- लाभ-उन्नति: रात 08:51 से 10:28 बजे तक
- शुभ-उत्तम: रात 12:05 से 01:42 बजे तक (31 अक्टूबर)
- अमृत-सर्वोत्तम: रात 01:42 से 03:19 बजे तक (31 अक्टूबर)
- चर-सामान्य: सुबह 03:19 से 04:55 बजे तक (31 अक्टूबर)
आज के अशुभ समय (Ashubh Muhurat)
- राहुकाल: सुबह 10:41 से दोपहर 12:05 बजे तक
- गुलिक काल: सुबह 07:55 से 09:18 बजे तक
- यमगण्ड: दोपहर 02:51 से शाम 04:14 बजे तक
- दुर्मुहूर्त: सुबह 08:45 से 09:29 बजे तक और दोपहर 12:27 से 01:11 बजे तक
- दिशाशूल: पश्चिम दिशा
आज का शिववास
आज शाम 07:24 बजे तक भगवान शिव का वास नंदी पर रहेगा। इसके बाद उनका वास भोजन में होगा।
निष्कर्ष
30 अक्टूबर 2026 का दिन धार्मिक दृष्टि से शुक्रवार व्रत और मां लक्ष्मी की आराधना के लिए विशेष है। आज पंचमी तिथि, शिव योग और बाद में बनने वाला सिद्ध योग पूजा-पाठ, जप और साधना के लिए महत्वपूर्ण माने जाते हैं। श्रद्धालु शुभ मुहूर्त में मां लक्ष्मी की पूजा कर सुख, शांति और समृद्धि की कामना कर सकते हैं।













