October 28,2026 Fact Recorder
Health Desk: करवा चौथ का व्रत सुहागिन महिलाओं के लिए आस्था और परंपरा का विशेष पर्व है। इस दिन महिलाएं पति की लंबी उम्र और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना के साथ निर्जला व्रत रखती हैं। हालांकि, पूरे दिन बिना भोजन और पानी के रहने से कुछ महिलाओं को चक्कर आना, सिरदर्द, घबराहट, थकान और कमजोरी जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
ऐसी स्थिति में शरीर के संकेतों को नजरअंदाज करना नुकसानदायक हो सकता है। आइए जानते हैं कि करवा चौथ के व्रत के दौरान तबीयत बिगड़ने पर क्या करना चाहिए और किन लक्षणों में तुरंत डॉक्टर की मदद लेना जरूरी है।
चक्कर आने पर तुरंत बैठ जाएं या लेट जाएं
व्रत के दौरान अचानक चक्कर आए, आंखों के सामने अंधेरा छाने लगे या शरीर कमजोर महसूस हो, तो तुरंत सुरक्षित जगह पर बैठ जाएं या लेट जाएं। अचानक खड़े होने और चलने से बचें, क्योंकि इससे गिरने और चोट लगने का खतरा रहता है। जरूरत पड़ने पर परिवार के किसी सदस्य की मदद लें।
कमजोरी या घबराहट होने पर परिवार को बताएं
कमजोरी, बेचैनी या घबराहट महसूस होने पर इसे छिपाने की कोशिश न करें। अपने परिजनों को तुरंत अपनी स्थिति बताएं और घरेलू काम रोककर आराम करें। यदि लक्षण बढ़ रहे हैं या बार-बार हो रहे हैं, तो चिकित्सकीय सलाह लें।
डिहाइड्रेशन के लक्षणों को पहचानें
निर्जला व्रत के दौरान पानी न पीने से शरीर में पानी की कमी यानी डिहाइड्रेशन हो सकता है। इसके प्रमुख लक्षण हैं:
- मुंह सूखना और बहुत प्यास लगना।
- पेशाब कम आना या उसका रंग गहरा पीला होना।
- सिरदर्द, चक्कर और अत्यधिक थकान।
- खड़े होने पर चक्कर आना या कमजोरी बढ़ना।
यदि तबीयत बिगड़ रही है, तो केवल व्रत पूरा करने के लिए पानी पीने में देरी न करें। जरूरत पड़ने पर व्रत तोड़कर धीरे-धीरे पानी पिएं।
तबीयत खराब होने पर व्रत तोड़ने से न हिचकिचाएं
करवा चौथ का व्रत आस्था से जुड़ा है, लेकिन स्वास्थ्य को प्राथमिकता देना जरूरी है। लगातार चक्कर आना, कंपकंपी, बहुत ज्यादा कमजोरी या बेहोशी जैसा महसूस होना गंभीर संकेत हो सकते हैं। ऐसी स्थिति में व्रत जारी रखने के लिए खुद पर दबाव न डालें।
यदि लक्षण गंभीर हैं, तो घरेलू उपायों पर निर्भर रहने के बजाय डॉक्टर से संपर्क करें।
व्रत तोड़ने के बाद क्या खाएं-पिएं?
कमजोरी या चक्कर आने के कारण व्रत तोड़ना पड़े, तो शरीर को धीरे-धीरे सामान्य स्थिति में लाने की कोशिश करें।
- सबसे पहले धीरे-धीरे पानी पिएं।
- खिचड़ी, केला या टोस्ट जैसे हल्के खाद्य पदार्थ लें।
- एक साथ बहुत ज्यादा भोजन करने से बचें।
- बहुत तला-भुना और मसालेदार भोजन तुरंत अधिक मात्रा में न खाएं।
यदि उल्टी हो रही है या पानी पीना मुश्किल हो रहा है, तो चिकित्सकीय सलाह लें। बेहोश व्यक्ति या ठीक से निगल न पाने वाले व्यक्ति को पानी या भोजन बिल्कुल न दें।
किन लक्षणों में तुरंत अस्पताल जाएं?
व्रत के दौरान या बाद में बेहोशी, सीने में दर्द, सांस लेने में परेशानी, भ्रम, दौरा या अचानक अत्यधिक कमजोरी जैसे लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत आपातकालीन चिकित्सा सहायता लें।
निष्कर्ष: करवा चौथ पर व्रत रखते समय अपनी सेहत का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। शरीर में पानी की कमी या कमजोरी के संकेतों को नजरअंदाज न करें। जरूरत पड़ने पर व्रत तोड़ें और समय पर चिकित्सकीय सहायता लें।
डिस्क्लेमर: यह लेख सामान्य स्वास्थ्य संबंधी जानकारी के लिए है, व्यक्तिगत चिकित्सा सलाह का विकल्प नहीं। यदि आपको पहले से कोई बीमारी है या नियमित दवाएं लेते हैं, तो व्रत रखने से पहले डॉक्टर से सलाह लें।













