चंडीगढ़: 23 Oct 2026 Fact Recorder
Chandigarh Desk : पंजाब में नशा तस्करी के नेटवर्क को तोड़ने के लिए राज्य सरकार ने पुलिस अधिकारियों को अतिरिक्त अधिकार देने का फैसला किया है। इस संबंध में गृह विभाग ने 21 अक्टूबर को अधिसूचना जारी की है। इसके तहत IG रैंक के अधिकारियों को PIT-NDPS एक्ट, 1988 की धारा 3 के अंतर्गत विशेष रूप से अधिकृत किया गया है, ताकि कानून में निर्धारित शर्तें पूरी होने पर नशा तस्करी से जुड़ी गतिविधियों को रोकने के लिए निवारक हिरासत के आदेश दिए जा सकें।
छह वरिष्ठ IPS अधिकारियों को भी मिली जिम्मेदारी
सरकार के नए आदेश के अनुसार, जिन पुलिस कमिश्नरेट, रेंज और मुख्यालय इकाइयों में IG रैंक का अधिकारी तैनात नहीं है, वहां भी इस तरह की कार्रवाई के लिए छह वरिष्ठ IPS अधिकारियों को विशेष अधिकार दिए गए हैं। इसका उद्देश्य विभिन्न पुलिस इकाइयों में नशा तस्करी के मामलों पर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करना है।
विशेष रूप से अधिकृत किए गए अधिकारियों में शामिल हैं:
- ए.एस. राय — स्पेशल DGP, ट्रैफिक
- गौतम चीमा — ADGP
- शिव वर्मा — ADGP, आंतरिक सुरक्षा
- कौस्तुभ शर्मा — ADGP, सुरक्षा
- नौनिहाल सिंह — ADGP, आंतरिक सतर्कता सेल
- एस. भूपति — IGP, प्रोविजनिंग
नशा त*स्करी के खिलाफ कार्रवाई को मिलेगी मजबूती
सरकार के इस कदम को पंजाब में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। नए अधिकारों से पुलिस की विभिन्न इकाइयों में निवारक कार्रवाई करने की क्षमता मजबूत होने की उम्मीद है।
हालांकि, किसी व्यक्ति को निवारक हिरासत में लेने के लिए संबंधित कानून की शर्तों और निर्धारित कानूनी प्रक्रिया का पालन करना अनिवार्य होगा। केवल सामान्य संदेह के आधार पर किसी व्यक्ति को हिरासत में लेना उचित नहीं माना जा सकता।
PIT-NDPS एक्ट का उद्देश्य मादक पदार्थों की अवैध तस्करी से जुड़ी गतिविधियों को रोकना है। ऐसे में इस अधिनियम के तहत की जाने वाली कार्रवाई में तथ्यों, कानूनी मानकों और निर्धारित प्रक्रिया का पालन महत्वपूर्ण रहेगा।
अब यह देखना अहम होगा कि पंजाब सरकार के इस फैसले से नशा तस्करी के नेटवर्क के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई कितनी प्रभावी होती है।











