चंडीगढ़, 20 सितंबर 2026 Fact Recorder
Business Desk: पेट्रोल पंपों पर UPI के जरिए भुगतान को लेकर विवाद बढ़ता नजर आ रहा है। पंजाब पेट्रोल डीलर्स एसोसिएशन ने UPI भुगतान पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) लगाए जाने का विरोध करते हुए केंद्र सरकार को पत्र लिखा है। एसोसिएशन ने चेतावनी दी है कि यदि अतिरिक्त चार्ज का मुद्दा हल नहीं हुआ तो पेट्रोल पंपों पर ₹2,000 से अधिक के UPI लेन-देन को रोकने जैसा कदम उठाया जा सकता है।
डीलर्स का कहना है कि पेट्रोल और डीजल की बिक्री पर उनका मार्जिन पहले से सीमित है। वहीं कर्मचारियों की सैलरी, बिजली, रखरखाव, सुरक्षा और अन्य संचालन खर्च लगातार बढ़ रहे हैं। ऐसे में UPI लेन-देन पर अतिरिक्त शुल्क लगने से पेट्रोल पंप संचालकों पर वित्तीय बोझ बढ़ सकता है।
UPI सुविधा प्रभावित हुई तो किन लोगों को होगी परेशानी?
अगर ₹2,000 से अधिक के UPI भुगतान पर रोक लगती है तो कार, बस, ट्रक और अन्य व्यावसायिक वाहनों में बड़ी मात्रा में ईंधन भरवाने वाले ग्राहकों को परेशानी हो सकती है। खासकर लंबी दूरी की यात्रा करने वाले वाहन चालकों को भुगतान के लिए दूसरे विकल्पों का इस्तेमाल करना पड़ सकता है।
एसोसिएशन ने इस मुद्दे को लेकर विरोध और हड़ताल जैसे कदम उठाने की चेतावनी भी दी है।
पंजाब में रोजाना करोड़ों रुपये के UPI लेन-देन का दावा
एसोसिएशन से मिली जानकारी के अनुसार पंजाब में करीब 4,104 पेट्रोल पंप हैं। अगस्त 2026 के आंकड़ों का हवाला देते हुए दावा किया गया है कि राज्य के पेट्रोल पंपों पर रोजाना करीब 11 से 12 लाख UPI लेन-देन होते हैं, जिनकी कुल राशि लगभग ₹65 से ₹70 करोड़ बताई गई है।
केंद्र सरकार से राहत की मांग
पेट्रोल डीलर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष परमजीत सिंह दोआबा ने केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्रालय, वित्त मंत्रालय और तेल कंपनियों के अधिकारियों के समक्ष यह मुद्दा उठाया है। डीलर्स ने मांग की है कि पेट्रोल पंपों पर डिजिटल भुगतान के लिए अतिरिक्त शुल्क का बोझ नहीं डाला जाना चाहिए।
एसोसिएशन का कहना है कि यदि बड़े UPI लेन-देन पर शुल्क लागू किया जाता है तो इसका सीधा असर पेट्रोल पंप डीलर्स की कमाई पर पड़ सकता है।













