September 15,2026 Fact Recorder
Rashifal Desk: आज 15 सितंबर 2026, मंगलवार को भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि है। आज ऋषि पंचमी का पर्व मनाया जा रहा है। धार्मिक मान्यता के अनुसार इस दिन सप्तऋषियों और माता अरुंधती की पूजा करने का विशेष महत्व है। मंगलवार होने के कारण आज भगवान हनुमान और मंगल ग्रह की आराधना का भी विशेष संयोग बन रहा है।
पंचांग के अनुसार आज चतुर्थी तिथि सुबह 7:44 बजे तक रहेगी, इसके बाद पंचमी तिथि शुरू होगी। दिन में स्वाति नक्षत्र के बाद विशाखा नक्षत्र रहेगा। वहीं इंद्र योग के बाद वैधृति योग का संयोग बनेगा। ऋषि पंचमी पर सप्तऋषियों की पूजा करने से व्यक्ति को जाने-अनजाने हुए दोषों से मुक्ति मिलने और परिवार में सुख-शांति आने की धार्मिक मान्यता है।
ऋषि पंचमी पर कैसे करें पूजा?
ऋषि पंचमी के दिन कश्यप, अत्रि, भारद्वाज, विश्वामित्र, गौतम, जमदग्नि और वशिष्ठ ऋषि के साथ माता अरुंधती की पूजा की जाती है। पूजा स्थल पर सप्तऋषियों का चित्र या प्रतिमा स्थापित कर पंचामृत, चंदन, फूल, धूप, दीप और नैवेद्य अर्पित करें।
इसके बाद ऋषि पंचमी की व्रत कथा का पाठ करें और श्रद्धापूर्वक सप्तऋषियों का स्मरण करें। धार्मिक मान्यता है कि इस पूजा से जीवन में सुख-शांति और परिवार में समृद्धि आती है।
मंगलवार को हनुमान पूजा का भी विशेष महत्व
आज मंगलवार होने के कारण भगवान हनुमान की पूजा का भी विशेष महत्व है। सुबह स्नान के बाद हनुमानजी के सामने दीपक जलाएं। उन्हें सिंदूर, चमेली का तेल, लाल फूल और गुड़-चना अर्पित करें।
इसके बाद हनुमान चालीसा का पाठ करें और ‘ॐ हनुमते नमः’ मंत्र का जाप करें। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार मंगलवार का व्रत और हनुमानजी की पूजा मंगल ग्रह से जुड़े दोषों की शांति के लिए शुभ मानी जाती है।
मंगल ग्रह की शांति के लिए लाल वस्त्र, मसूर की दाल या तांबे का दान करना भी शुभ माना जाता है।
15 सितंबर 2026 का पंचांग
- तिथि: चतुर्थी सुबह 7:44 बजे तक, इसके बाद पंचमी तिथि
- पक्ष: शुक्ल पक्ष
- वार: मंगलवार
- नक्षत्र: स्वाति दोपहर 3:21 बजे तक, इसके बाद विशाखा
- करण: विष्टि सुबह 7:44 बजे तक, इसके बाद बव रात 8:17 बजे तक
- योग: इंद्र योग दोपहर 12:20 बजे तक, इसके बाद वैधृति योग
- चंद्र राशि: तुला
- दिशाशूल: उत्तर
सूर्योदय, सूर्यास्त और चंद्रोदय का समय
- सूर्योदय: सुबह 6:07 बजे
- सूर्यास्त: शाम 6:27 बजे
- चंद्रोदय: सुबह 10:05 बजे
- चंद्रास्त: रात 8:41 बजे
आज के शुभ मुहूर्त
- ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 4:34 से 5:20 बजे तक
- अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11:52 से दोपहर 12:42 बजे तक
- विजय मुहूर्त: दोपहर 2:20 से 3:10 बजे तक
- गोधूलि मुहूर्त: शाम 6:27 से 6:50 बजे तक
- निशिता मुहूर्त: रात 11:54 से 12:40 बजे तक
- सर्वार्थ सिद्धि योग: सुबह 6:07 बजे से दोपहर 3:21 बजे तक
शिववास: सुबह 7:44 बजे तक क्रीड़ा में, इसके बाद कैलाश पर।
आज के अशुभ मुहूर्त
- राहुकाल: दोपहर 3:22 से 4:55 बजे तक
- यमगण्ड: सुबह 9:12 से 10:44 बजे तक
- गुलिक काल: दोपहर 12:17 से 1:49 बजे तक
- दुर्मुहूर्त: सुबह 8:35 से 9:24 बजे तक
- वर्ज्य: रात 9:25 से 11:09 बजे तक
- भद्रा काल: सुबह 6:07 से 7:44 बजे तक
- दिशाशूल: उत्तर
नोट: पंचांग के समय स्थान के अनुसार कुछ मिनट आगे-पीछे हो सकते हैं। धार्मिक मान्यताएं आस्था पर आधारित हैं।













