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कैल्शियम की कमी को न करें नजरअंदाज: हड्डियों के साथ मांसपेशियों और दिल पर भी पड़ता है असर, इन चीजों को डाइट में करें शामिल

September 15,2026 Fact Recorder

Health Desk: कैल्शियम को आमतौर पर मजबूत हड्डियों और दांतों के लिए जरूरी पोषक तत्व माना जाता है, लेकिन शरीर में इसकी भूमिका इससे कहीं ज्यादा है। मांसपेशियों के सामान्य कामकाज और दिल की धड़कन को सामान्य बनाए रखने में भी कैल्शियम महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। यही वजह है कि बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक हर उम्र में शरीर को पर्याप्त कैल्शियम मिलना जरूरी है।

लंबे समय तक कैल्शियम की पर्याप्त मात्रा न मिलने पर हड्डियां कमजोर हो सकती हैं और फ्रैक्चर का खतरा बढ़ सकता है। शरीर में कैल्शियम का स्तर बहुत कम होने पर हाइपोकैल्सीमिया जैसी स्थिति भी हो सकती है, जिसमें मांसपेशियों में ऐंठन, हाथ-पैर में सुन्नपन और भ्रम जैसी समस्याएं देखने को मिल सकती हैं। लंबे समय तक कमी रहने पर ऑस्टियोपोरोसिस का जोखिम भी बढ़ सकता है।

कैल्शियम के साथ विटामिन-डी भी जरूरी

सिर्फ कैल्शियम से भरपूर खाद्य पदार्थ खाना ही पर्याप्त नहीं है। शरीर कैल्शियम को सही तरीके से अवशोषित कर सके, इसके लिए विटामिन-डी की भी अहम भूमिका होती है। अगर आहार में कैल्शियम पर्याप्त मात्रा में है लेकिन शरीर में विटामिन-डी की कमी है, तो कैल्शियम का अवशोषण प्रभावित हो सकता है।

इसलिए हड्डियों को मजबूत रखने के लिए कैल्शियम और विटामिन-डी दोनों की पर्याप्त मात्रा पर ध्यान देना जरूरी है।

बादाम भी है कैल्शियम का अच्छा स्रोत

कैल्शियम के लिए केवल दूध या डेयरी उत्पादों पर निर्भर रहने की जरूरत नहीं है। बादाम को भी संतुलित आहार का हिस्सा बनाया जा सकता है। करीब 28 ग्राम बादाम से दैनिक कैल्शियम जरूरत का लगभग 6 प्रतिशत प्राप्त हो सकता है। इसके अलावा इसमें प्रोटीन, फाइबर और स्वस्थ वसा भी पाए जाते हैं।

बादाम को नाश्ते में या दूध के साथ लिया जा सकता है। हालांकि, इसमें कैलोरी अधिक होती है, इसलिए इसका सेवन संतुलित मात्रा में करना बेहतर है।

दूध, दही और पनीर को डाइट में करें शामिल

दूध और उससे बने उत्पाद कैल्शियम के आसान स्रोतों में शामिल हैं। दूध, दही और पनीर को नियमित आहार में शामिल करने से शरीर को कैल्शियम की पर्याप्त मात्रा प्राप्त करने में मदद मिल सकती है।

बच्चों की बढ़ती उम्र में कैल्शियम हड्डियों के विकास के लिए महत्वपूर्ण है। वहीं, उम्र बढ़ने के साथ हड्डियों की मजबूती बनाए रखने के लिए भी पर्याप्त कैल्शियम जरूरी रहता है।

हरी सब्जियां और फल भी फायदेमंद

जो लोग डेयरी उत्पाद कम लेते हैं, वे कैल्शियम के लिए कुछ हरी पत्तेदार सब्जियों और अन्य पौष्टिक खाद्य पदार्थों को डाइट में शामिल कर सकते हैं। पालक, गोभी और कोलार्ड जैसी सब्जियों में कैल्शियम पाया जाता है। अंजीर और संतरे जैसे कुछ खाद्य पदार्थ भी संतुलित आहार का हिस्सा बनाए जा सकते हैं।

कैल्शियम की कमी से कैसे बचें?

कैल्शियम की कमी से बचने के लिए रोजाना संतुलित और पौष्टिक आहार लेना जरूरी है। डाइट में दूध, दही, पनीर, बादाम और कैल्शियम युक्त सब्जियों को शामिल किया जा सकता है। साथ ही शरीर में विटामिन-डी की पर्याप्त मात्रा बनाए रखना भी जरूरी है।

ध्यान रखें: अगर बार-बार मांसपेशियों में ऐंठन, सुन्नपन, हड्डियों में कमजोरी या फ्रैक्चर जैसी समस्या हो रही है, तो डॉक्टर से सलाह लेकर जरूरी जांच करानी चाहिए। बिना चिकित्सकीय सलाह के कैल्शियम सप्लीमेंट लेना उचित नहीं है।

नोट: यह लेख उपलब्ध मेडिकल रिपोर्ट्स और सामान्य स्वास्थ्य जानकारी के आधार पर तैयार किया गया है। किसी भी बीमारी, लक्षण या सप्लीमेंट के संबंध में डॉक्टर की सलाह को प्राथमिकता दें।