September 05,2026 Fact Recorder
Politics Desk : उत्तर प्रदेश के सहारनपुर में कलेक्ट्रेट परिसर स्थित एक मस्जिद को प्रशासन ने अवैध बताते हुए ध्वस्त करने की कार्रवाई शुरू की है। प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है। समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव और कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने कार्रवाई को लेकर सवाल उठाए हैं। वहीं प्रशासन ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए जिले में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है।
अखिलेश यादव बोले- सौहार्द बनाए रखना सरकार की जिम्मेदारी
मस्जिद पर हुई कार्रवाई को लेकर पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि समाज में सौहार्द बनाए रखना सरकार की सबसे बड़ी जिम्मेदारी और उपलब्धि होनी चाहिए। उनके बयान के बाद इस मामले को लेकर राजनीतिक चर्चा और तेज हो गई है।
इमरान मसूद ने कार्रवाई पर जताई नाराजगी
कांग्रेस सांसद इमरान मसूद ने प्रशासन की कार्रवाई पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने दावा किया कि मस्जिद काफी पुरानी है और आरोप लगाया कि कार्रवाई में कानूनी प्रक्रिया की अनदेखी की गई।
मसूद ने इसे सहारनपुर के लिए “काला दिन” बताते हुए लोगों से शांतिपूर्ण तरीके से विरोध करने की अपील की। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कार्रवाई के दौरान इलाके को घेर दिया गया और लोगों की आवाजाही पर रोक लगाई गई।
प्रशासन ने मस्जिद को बताया अवैध
प्रशासन के मुताबिक कलेक्ट्रेट परिसर में स्थित निर्माण को अवैध घोषित किया गया था। सिटी मजिस्ट्रेट की अदालत ने पिछले महीने इसे लेकर आदेश जारी किया था, जिसके बाद SDM, सिटी मजिस्ट्रेट और पुलिस बल की मौजूदगी में ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई।
मस्जिद के स्वामित्व और कार्रवाई की कानूनी प्रक्रिया को लेकर इमरान मसूद ने अलग दावे किए हैं। उन्होंने हाई कोर्ट की कार्यवाही और वक्फ बोर्ड को पक्षकार नहीं बनाए जाने को लेकर भी सवाल उठाए हैं।
सहारनपुर में हाई अलर्ट
ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के मद्देनजर प्रशासन ने पूरे सहारनपुर जिले में हाई अलर्ट जारी किया है। संवेदनशील इलाकों में PAC और RRF की तैनाती की गई है। इसके अलावा दमकल की गाड़ियों को भी अलग-अलग स्थानों पर तैनात किया गया है।
पुलिस प्रशासन की ओर से लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की गई है। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए सुरक्षा बलों को अलर्ट पर रखा गया है।













