September 04,2026 Fact Recorder
International Desk: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। इस बीच अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने ईरान के साथ पिछले करीब छह महीने से जारी सैन्य संघर्ष को ‘युद्ध’ मानने से इनकार किया है। उन्होंने यह भी साफ किया कि जब तक ईरान होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों पर हमले बंद नहीं करता, तब तक उसके साथ बातचीत नहीं की जाएगी।
व्हाइट हाउस में प्रेस ब्रीफिंग के दौरान वेंस से पूछा गया कि अमेरिका और ईरान के बीच जारी संघर्ष कब खत्म होगा। इस पर उन्होंने कहा कि असली सवाल यह है कि ईरान जहाजों पर हमले कब बंद करेगा। उन्होंने कहा कि इसका जवाब उन्हें नहीं पता और यह सवाल ईरान से पूछा जाना चाहिए।
वेंस ने यह भी स्पष्ट नहीं किया कि 3 नवंबर को होने वाले अमेरिकी मिडटर्म चुनाव से पहले संघर्ष समाप्त होगा या नहीं। गौरतलब है कि संघर्ष शुरू होने के समय अमेरिकी प्रशासन की ओर से इसके कुछ सप्ताह में समाप्त होने की उम्मीद जताई गई थी।
ईरान में शादी समारोह पर हमले की जांच
इसी बीच ईरान में एक शादी समारोह के दौरान हुए विस्फोट को लेकर अमेरिका ने जांच शुरू कर दी है। यह घटना 1 सितंबर को ईरान के दक्षिणी हिस्से में सिरिक काउंटी के कुहेस्तक गांव में हुई थी। घटना के समय एक घर में शादी समारोह चल रहा था।
ईरानी अधिकारियों के अनुसार, इस हमले में अब तक पांच लोगों की मौत हुई है, जबकि करीब 70 लोग घायल हुए हैं। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा कि अमेरिका यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि घटना में वास्तव में क्या हुआ था। उन्होंने कहा कि अगर अमेरिकी सेना से कोई गलती हुई है तो उससे सीख लेकर भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने की कोशिश की जाएगी।
अमेरिकी हथियार से हमले का दावा
रॉयटर्स के विश्लेषण में घटना के वीडियो और तस्वीरों की सैन्य हथियार विशेषज्ञों से जांच कराई गई। चार विशेषज्ञों में से तीन ने संभावना जताई कि इमारत को नुकसान पहुंचाने वाला हथियार अमेरिकी हो सकता है। एक विशेषज्ञ के मुताबिक, हथियार संभवतः अपने मूल लक्ष्य से चूक गया हो सकता है।
हालांकि, अमेरिका ने इस हमले की जिम्मेदारी स्वीकार नहीं की है। अमेरिकी सेना ने कहा कि उसे ईरान की रिपोर्टों की जानकारी है और नागरिकों को कभी निशाना नहीं बनाया जाता। एक अमेरिकी अधिकारी के मुताबिक, जांच में कई संभावनाओं पर विचार किया जा रहा है, जिनमें अमेरिकी हमला, ईरानी एयर डिफेंस मिसाइल का रास्ता बदलना या किसी इंटरसेप्टर का भटक जाना शामिल है।
पहले भी अमेरिकी हमले पर उठे थे सवाल
यह घटना उस हमले के करीब छह महीने बाद हुई है, जिसमें ईरान ने दावा किया था कि एक मिसाइल ने एक प्राथमिक स्कूल को निशाना बनाया और 175 से अधिक बच्चों एवं शिक्षकों की मौत हुई।
रॉयटर्स की पिछली रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी सेना की शुरुआती आंतरिक जांच में उस घटना के लिए अमेरिकी सेना को जिम्मेदार माना गया था। हालांकि, पेंटागन ने जांच रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की है।
अमेरिकी हमले के बाद बढ़ी तेल की कीमतें
मंगलवार को अमेरिका ने ईरान के तट के पास सैन्य ठिकानों पर हमला किया था। अमेरिका ने इसे होर्मुज स्ट्रेट में ईरानी हमलों के जवाब के तौर पर बताया। इसके बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई और गुरुवार को ब्रेंट क्रूड 96 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुंच गया।
ईरान ने अमेरिकी हमलों में 18 लोगों के मारे जाने का दावा किया। इसके जवाब में ईरान की ओर से इराक, जॉर्डन, कतर, कुवैत और बहरीन में अमेरिकी ठिकानों पर हमले किए गए। कुवैत ने भी अपने एयर डिफेंस सिस्टम द्वारा मिसाइलों और ड्रोन को रोकने की जानकारी दी।
हालांकि, गुरुवार को दोनों पक्षों की ओर से किसी बड़े नए हमले की खबर नहीं आई। इससे जुलाई के बाद बढ़े तनाव में कुछ कमी के संकेत मिले हैं, लेकिन दोनों देशों के बीच सैन्य टकराव और बातचीत को लेकर स्थिति अभी भी तनावपूर्ण बनी हुई है।













