September 04,2026 Fact Recorder
Business Desk: लगातार चार कारोबारी सत्रों की गिरावट के बाद शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार में जोरदार तेजी देखने को मिली। सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन बाजार खुलते ही सेंसेक्स करीब 600 अंक उछल गया, जबकि निफ्टी में भी 70 से ज्यादा अंकों की बढ़त दर्ज की गई। बाजार में आई इस तेजी से शुरुआती कारोबार में निवेशकों की संपत्ति करीब ₹2.72 लाख करोड़ बढ़ गई।
बाजार में तेजी की एक बड़ी वजह आईटी और टेक्नोलॉजी शेयरों में खरीदारी को माना जा रहा है। इसके अलावा रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में भी 2 फीसदी से ज्यादा की तेजी ने बाजार के सेंटीमेंट को मजबूत किया। रिलायंस की डिजिटल कंपनी Jio के संभावित IPO को लेकर सामने आई खबरों का भी शेयर पर सकारात्मक असर देखने को मिला।
इन शेयरों में सबसे ज्यादा तेजी
शुरुआती कारोबार में अल्ट्राटेक सीमेंट के शेयर में करीब 1.92 फीसदी की तेजी दर्ज की गई। TCS के शेयर 1.60 फीसदी, बजाज फिनसर्व 1.51 फीसदी, ट्रेंट 1.48 फीसदी और HCL टेक्नोलॉजीज 1.40 फीसदी चढ़े।
वहीं, भारती एयरटेल में मामूली 0.12 फीसदी की गिरावट रही। एशियन पेंट्स का शेयर लगभग सपाट कारोबार करता नजर आया।
पिछले चार दिनों से बाजार में थी गिरावट
इससे पहले भारतीय शेयर बाजार लगातार चार कारोबारी सत्रों तक गिरावट में रहा था। गुरुवार को निफ्टी 50 करीब 41 अंक यानी 0.17 फीसदी गिरकर 23,873 के स्तर पर बंद हुआ था। वहीं सेंसेक्स 417.49 अंक यानी 0.55 फीसदी टूटकर 76,152.86 पर बंद हुआ।
गुरुवार के कारोबार के आखिरी 20 मिनट काफी उतार-चढ़ाव वाले रहे। कैश मार्केट के क्लोजिंग सेशन के दौरान सेंसेक्स में करीब 2,100 अंकों का उतार-चढ़ाव देखने को मिला।
एशियाई बाजारों से मिला सपोर्ट
शुक्रवार को एशियाई बाजारों में भी तेजी का रुख रहा। दक्षिण कोरिया का कोस्पी करीब 1.3 फीसदी चढ़ा, जबकि जापान के निक्केई 225 में करीब 0.25 फीसदी की बढ़त रही। ऑस्ट्रेलिया का S&P/ASX 200 भी शुरुआती कारोबार में करीब 0.14 फीसदी ऊपर रहा।
अमेरिकी बाजारों के मजबूत प्रदर्शन का भी भारतीय बाजार पर सकारात्मक असर पड़ा। पिछले कारोबारी सत्र में S&P 500 में 1.06 फीसदी, नैस्डैक कंपोजिट में 1.40 फीसदी और डॉव जोन्स में 624.16 अंक यानी 1.18 फीसदी की तेजी दर्ज की गई थी।
FII की बिकवाली जारी, DII ने संभाला बाजार
विदेशी निवेशकों की बिकवाली हालांकि अभी जारी है। 3 सितंबर को FII/FPI ने भारतीय शेयर बाजार में करीब ₹2,346 करोड़ की शुद्ध बिकवाली की। इसके विपरीत घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने करीब ₹4,977 करोड़ की खरीदारी की। घरेलू निवेशकों की खरीदारी ने विदेशी निवेशकों की बिकवाली के दबाव को कम करने में मदद की।
इस बीच 3 सितंबर को भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले 14 पैसे मजबूत होकर 94.59 के स्तर पर बंद हुआ था।
कच्चे तेल की कीमतों में भी बढ़त
शुक्रवार के शुरुआती कारोबार में कच्चे तेल की कीमतों में भी हल्की तेजी देखने को मिली। ब्रेंट क्रूड करीब 0.35 फीसदी बढ़कर 95.86 डॉलर प्रति बैरल और WTI क्रूड करीब 0.51 फीसदी चढ़कर 91.77 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।
कुल मिलाकर, लगातार चार सत्रों की गिरावट के बाद बाजार में आई तेजी ने निवेशकों को राहत दी है। हालांकि विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली और वैश्विक बाजारों के रुख को देखते हुए आगे भी बाजार में उतार-चढ़ाव बने रहने की संभावना है।













