Home Himachal मत्स्य फार्म अलसू में आधारभूत संरचना का अधिकतम एवं वैज्ञानिक उपयोग सुनिश्चित करें- निदेशक

मत्स्य फार्म अलसू में आधारभूत संरचना का अधिकतम एवं वैज्ञानिक उपयोग सुनिश्चित करें- निदेशक

मंडी, 21 अगस्त 2026 Fact Recorder

Himachal Desk:  निदेशक एवं प्रारक्षी, मत्स्य विभाग ओम कान्त ठाकुर ने गत दिवस सुंदरनगर तहसील के तहत विभागीय फार्म अलसू का भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने फार्म की वर्तमान स्थिति, मत्स्य उत्पादन क्षमता तथा उपलब्ध रियरिंग एवं अन्य सुविधाओं का निरीक्षण किया।

निदेशक (मत्स्य) ने कहा कि विभाग का उद्देश्य उपलब्ध संसाधनों का बेहतर उपयोग करते हुए मत्स्य उत्पादन में वृद्धि एवं मत्स्य पालन को बढ़ावा देना है। उन्होंने स्थानीय लोगों को ताज़ा एवं गुणवत्तापूर्ण मछली उपलब्ध करवाने के उद्देश्य से होम डिलीवरी पर विचार करने के निर्देश दिए। इस पहल से उपभोक्ताओं को उनके घर तक ताज़ा मछली उपलब्ध होगी तथा कार्प फार्म अलसू से उत्पादित मछली की स्थानीय स्तर पर बिक्री को भी बढ़ावा मिलेगा।

उन्होंने फार्म की मुख्य जलापूर्ति लाइन की मरम्मत करवाने की संभावनाओं पर भी विचार करने के निर्देश दिए गए। अलसेड खड्ड से कार्प फार्म अलसू तक आने वाली यह जलापूर्ति लाइन पिछले कुछ वर्षों से प्राकृतिक आपदा के कारण क्षतिग्रस्त होकर बंद पड़ी है। उन्होंने बताया कि इस जलापूर्ति लाइन को पुनः बहाल कर प्राकृतिक स्रोत से फार्म तक पर्याप्त जल उपलब्ध करवाने का प्रयास किया जाएगा, ताकि पानी की कमी के कारण मत्स्य बीज उत्पादन पर किसी प्रकार का प्रतिकूल प्रभाव न पड़े तथा फार्म की उत्पादन क्षमता को सुचारू रूप से बनाए रखा जा सके।

उन्होंने सहायक निदेशक (मत्स्य) मंडी को निर्देश दिए कि फार्म में उपलब्ध तीन क्षतिग्रस्त पालन तालाब (रियरिंग पॉन्ड्स) को समायोजित कर एक बड़े तालाब (आउटग्रो पॉन्ड) के रूप में विकसित किया जाए। इस व्यवस्था का उद्देश्य फार्म की उत्पादन क्षमता को बढ़ाना तथा मत्स्य बीज के साथ-साथ 500 किलोग्राम मत्स्य बिक्री/उत्पादन का निर्धारित लक्ष्य प्राप्त करना भी है। उन्होंने फार्म की उपलब्ध आधारभूत संरचना का अधिकतम एवं वैज्ञानिक उपयोग सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए।

उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि कार्प फार्म अलसू के संबंध में व्यापक आउटरीच कार्यक्रम आयोजित किया जाए, ताकि स्थानीय लोगों, मत्स्य पालकों एवं इच्छुक युवाओं को फार्म की गतिविधियों, मत्स्य पालन की संभावनाओं तथा उपलब्ध सुविधाओं के बारे में अधिक से अधिक जानकारी प्रदान की जा सके। इसके लिए सोशल मीडिया ग्रुप के माध्यम से डिजिटल आउटरीच को प्रभावी रूप से अपनाने पर विशेष जोर दिया गया, जिससे कम समय में अधिक लोगों तक सूचना पहुँचाई जा सके। इसी कड़ी में उन्होंने अलसू फार्म के निकट मनाली-चंडीगढ़ फोरलेन पर एक साइन बोर्ड स्थापित करने के भी निर्देश दिए, ताकि अधिक से अधिक मत्स्य पालक एवं पर्यटक बिना किसी समस्या के आसानी से फार्म तक पहुँच सकें और फार्म से मछली बीज, सजावटी मछली एवं खाने वाली मछली क्रय कर सकें।

इस अवसर पर सहायक निदेशक (मत्स्य) मंडी नीतू सिंह सहित अन्य विभागीय अधिकारी भी उपस्थित रहे।