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भारत-थाईलैंड सैन्य अभ्यास ‘मैत्री-XV’ शुरू, सैनिकों को मिल रही जंगल युद्ध और मुय थाई की ट्रेनिंग

August 21,2026 Fact Recorder

International Desk: भारत और थाईलैंड के बीच 15वां संयुक्त सैन्य अभ्यास ‘मैत्री-XV’ 18 से 31 अगस्त 2026 तक थाईलैंड में आयोजित किया जा रहा है। इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य दोनों देशों की सेनाओं के बीच आपसी तालमेल बढ़ाने के साथ जंगल और अर्ध-शहरी इलाकों में आतंकवाद विरोधी अभियानों की संयुक्त क्षमता को मजबूत करना है।

85-85 जवान ले रहे हैं हिस्सा

अभ्यास का आयोजन थाईलैंड के सूरत थानी स्थित विभावदी रंगसित कैंप में किया जा रहा है। इसमें भारतीय सेना और रॉयल थाई आर्मी के 85-85 जवान हिस्सा ले रहे हैं।

भारतीय दल में 9 गोरखा राइफल्स के सैनिक शामिल हैं, जबकि थाईलैंड की तरफ से 3rd Battalion, 25th Infantry Brigade के जवान अभ्यास में भाग ले रहे हैं। अभ्यास का उद्घाटन रॉयल थाई आर्मी के 4th आर्मी एरिया के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल नोराथिप फोयनोक की मौजूदगी में हुआ।

जंगल युद्ध और आतंकवाद विरोधी ऑपरेशन पर जोर

‘मैत्री-XV’ के दौरान दोनों देशों के सैनिक जंगल और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में संयुक्त आतंकवाद विरोधी अभियानों की ट्रेनिंग कर रहे हैं। जवानों को जंगल में सर्वाइवल तकनीक, प्राथमिक उपचार, घायल सैनिकों को सुरक्षित निकालने और ट्रेंच क्लियरिंग जैसी सैन्य तकनीकों का अभ्यास कराया जा रहा है।

इसके अलावा संयुक्त अभियानों में ड्रोन यानी UAV के इस्तेमाल और आधुनिक सैन्य उपकरणों से जुड़ी तकनीकों पर भी प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

भारतीय सैनिकों ने सीखी मुय थाई

इस सैन्य अभ्यास का एक खास हिस्सा मुय थाई की ट्रेनिंग भी है। थाईलैंड की पारंपरिक मार्शल आर्ट को ‘आर्ट ऑफ एट लिम्ब्स’ कहा जाता है, क्योंकि इसमें हाथों, कोहनी, घुटनों और पैरों का इस्तेमाल किया जाता है।

मुय थाई के प्रशिक्षण से सैनिकों की फिटनेस, फुर्ती और नजदीकी मुकाबले की क्षमता को बेहतर करने पर जोर दिया जा रहा है। इसके साथ ही यह दोनों देशों के सैनिकों के बीच सांस्कृतिक समझ और आपसी संबंध मजबूत करने का भी माध्यम है।
संयुक्त अभ्यास से बढ़ेगा सैन्य सहयोग

‘मैत्री-XV’ में फील्ड ट्रेनिंग, सैन्य रणनीतियों पर चर्चा, लेक्चर, डेमो और अंत में वैलिडेशन एक्सरसाइज शामिल है। दोनों देशों के सैनिक संयुक्त अभियानों से जुड़े अपने अनुभव साझा करने के साथ आधुनिक उपकरणों और तकनीकों का प्रदर्शन भी करेंगे।

अभ्यास का अंतिम उद्देश्य भारत और थाईलैंड की सेनाओं के बीच इंटरऑपरेबिलिटी, आपसी विश्वास और संयुक्त अभियान चलाने की क्षमता को मजबूत करना है। यह अभ्यास संयुक्त राष्ट्र चार्टर के अध्याय VII के तहत जंगल और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में आतंकवाद विरोधी अभियानों के लिए दोनों सेनाओं की संयुक्त तैयारियों को बेहतर बनाने पर केंद्रित है।