August 21,2026 Fact Recorder
Sports Desk: भारत और श्रीलंका के बीच दो मैचों की टेस्ट सीरीज का दूसरा और आखिरी मुकाबला कोलंबो के सिंहली स्पोर्ट्स क्लब क्रिकेट ग्राउंड (SSC Ground) पर खेला जाएगा। श्रीलंका के सबसे ऐतिहासिक क्रिकेट मैदानों में शामिल इस ग्राउंड को अक्सर देश का ‘लॉर्ड्स’ भी कहा जाता है। इस मैदान ने श्रीलंकाई क्रिकेट के विकास के साथ-साथ कई यादगार अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों को भी देखा है।
1899 में हुई थी सिंहली स्पोर्ट्स क्लब की शुरुआत
सिंहली स्पोर्ट्स क्लब का इतिहास 19वीं सदी के आखिरी दौर से जुड़ा हुआ है। साल 1899 में रॉयल कॉलेज, सेंट थॉमस कॉलेज और वेस्ले कॉलेज के छात्रों से बनी एक संयुक्त स्कूल क्रिकेट टीम ने मजबूत कोल्ट्स क्रिकेट क्लब को महज एक रन से हराया था।
इस रोमांचक जीत के बाद एक ऑल-सिंहली क्रिकेट क्लब बनाने का विचार सामने आया और इसी के बाद 1899 में सिंहली स्पोर्ट्स क्लब की आधिकारिक शुरुआत हुई।
शुरुआत में क्लब का मैदान विक्टोरिया पार्क में था, जिसे अब विहार महादेवी पार्क के नाम से जाना जाता है। यहां की जमीन रेतीली थी और आसपास दालचीनी के पेड़ मौजूद थे। बाद में क्लब ने 1952 में कोलंबो के मैतलैंड प्लेस में करीब 20 एकड़ जमीन लीज पर लेकर अपना नया ठिकाना बनाया।
World War II से जुड़ा है मैदान का इतिहास
SSC ग्राउंड की सबसे खास बात इसका द्वितीय विश्व युद्ध से जुड़ा इतिहास है। जिस जमीन पर आज यह मशहूर क्रिकेट मैदान मौजूद है, उसका इस्तेमाल World War II के दौरान मित्र देशों की सेना ने एयरस्ट्रिप के तौर पर किया था।
युद्ध के बाद इसी जगह का स्वरूप बदलकर क्रिकेट के लिए तैयार किया गया और समय के साथ यह मैदान श्रीलंका के क्रिकेट का एक महत्वपूर्ण केंद्र बन गया।
श्रीलंकाई क्रिकेट का रहा है अहम केंद्र
सिंहली स्पोर्ट्स क्लब ग्राउंड लंबे समय तक श्रीलंका क्रिकेट की गतिविधियों का प्रमुख केंद्र रहा है। श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड का मुख्यालय भी लंबे समय तक इसी परिसर में स्थित रहा। इसके अलावा देश के बड़े घरेलू टूर्नामेंट और प्रीमियर लीग के महत्वपूर्ण मुकाबले और फाइनल भी यहां आयोजित होते रहे हैं।
अपनी ऐतिहासिक पृष्ठभूमि के साथ-साथ यह मैदान अपनी पिच और आउटफील्ड के लिए भी जाना जाता है। दुनिया के कई दिग्गज बल्लेबाजों और गेंदबाजों ने यहां अपना दमखम दिखाया है।
अब एक बार फिर यह ऐतिहासिक मैदान सुर्खियों में है, क्योंकि भारत और श्रीलंका के बीच टेस्ट सीरीज का दूसरा मुकाबला यहीं खेला जाएगा। ऐसे में क्रिकेट फैंस की नजर सिर्फ मुकाबले पर ही नहीं, बल्कि इस ऐतिहासिक मैदान की परिस्थितियों और पिच के मिजाज पर भी रहेगी।













