August 21,2026 Fact Recorder
National Desk: राम मंदिर भवन निर्माण समिति की बैठक के दूसरे दिन समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा ने मंदिर परिसर में चल रहे निर्माण कार्यों की प्रगति की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि अयोध्या में भगवान राम का भव्य मंदिर करोड़ों श्रद्धालुओं के सपने के साकार होने जैसा है।
नृपेंद्र मिश्रा ने बताया कि राम मंदिर और परिसर के निर्माण में केंद्र या राज्य सरकार के धन का इस्तेमाल नहीं किया गया है। निर्माण कार्य ट्रस्ट की ओर से एकत्रित धनराशि से कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि निर्माण के लिए निर्धारित करीब 70 कार्यों में से 60 कार्य पूरे हो चुके हैं।
पूरे हो चुके कार्य ट्रस्ट को सौंपे गए
नृपेंद्र मिश्रा के मुताबिक, जिन निर्माण कार्यों को पूरा कर लिया गया है, उन्हें श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को सौंपा जा चुका है। अब इन निर्माणों के रखरखाव की जिम्मेदारी ट्रस्ट की होगी।
बारिश के दौरान मंदिर परिसर में जलभराव की समस्या को दूर करने के लिए सीवेज और ड्रेनेज व्यवस्था को मुख्य नाले से जोड़ने की योजना पर भी काम किया जाएगा। इसका उद्देश्य बारिश के पानी की निकासी को बेहतर बनाना है।
रामकथा संग्रहालय और ऑडिटोरियम पर फोकस
अब रामकथा संग्रहालय, ऑडिटोरियम और ट्रस्ट कार्यालय के निर्माण कार्यों पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। संग्रहालय की गैलरी नंबर-7 के निर्माण पर करीब 5 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।
संग्रहालय में प्रवेश के लिए शुल्क लिया जाएगा या नहीं, इसका अंतिम निर्णय ट्रस्ट की ओर से किया जाएगा।
चंपत राय के पत्र पर क्या बोले नृपेंद्र मिश्रा?
चंपत राय के पत्र में अपना नाम होने को लेकर पूछे गए सवाल पर नृपेंद्र मिश्रा ने कहा कि उन्होंने वह पत्र देखा ही नहीं है। उन्होंने इस मुद्दे पर विस्तार से टिप्पणी करने से इनकार किया और कहा कि मामले को लेकर विवाद पैदा करने की कोशिश की जा रही है।
राम मंदिर CEO की नियुक्ति से भी बनाई दूरी
राम मंदिर के CEO की नियुक्ति के लिए होने वाले साक्षात्कार को लेकर पूछे गए सवाल पर नृपेंद्र मिश्रा ने स्पष्ट किया कि वह इस प्रक्रिया में शामिल नहीं हैं और उन्हें इसकी जानकारी नहीं है।













