Home Hindi राजोआणा की चिट्ठी पर विवाद, ‘वारिस पंजाब दे’ का पलटवार

राजोआणा की चिट्ठी पर विवाद, ‘वारिस पंजाब दे’ का पलटवार

अमृतसर: 15 Aug 2026 AJ DI Awaaj

Punjab Desk :   पटियाला जेल में बंद बलवंत सिंह राजोआणा के नाम से सामने आई एक चिट्ठी को लेकर पंजाब की सियासत में हलचल तेज हो गई है। चिट्ठी में बिना नाम लिए सांसद अमृतपाल सिंह और दिवंगत अभिनेता दीप सिद्धू को लेकर तीखी टिप्पणियां की गई हैं।

चिट्ठी में कथित तौर पर किसी व्यक्ति की हादसे में हुई मौ*त को ‘राष्ट्रीय शहादत’ के रूप में पेश करने और उसकी तस्वीरों को राष्ट्रीय शहीदों के बराबर लगाने पर सवाल उठाए गए हैं। इसमें इसे युवाओं को गुमराह करने की साजिश बताया गया है। हालांकि, अब इस चिट्ठी की प्रामाणिकता को लेकर भी सवाल खड़े हो गए हैं।

‘वारिस पंजाब दे’ के कार्यालय सचिव प्रगट सिंह मियांविंड ने मीडिया से बातचीत में चिट्ठी को लेकर कई सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पार्टी बलवंत सिंह राजोआणा का सम्मान करती है और उन्हें विश्वास नहीं है कि राजोआणा इस तरह की भाषा या टिप्पणियां कर सकते हैं।

प्रगट सिंह ने दावा किया कि चिट्ठी को एडिट किया गया हो सकता है या फिर यह चिट्ठी राजोआणा की हो ही नहीं। उन्होंने कहा कि इसकी वास्तविकता के बारे में खुद बलवंत सिंह राजोआणा ही स्पष्ट कर सकते हैं।

अमृतपाल सिंह को लेकर पार्टी का जवाब

अमृतपाल सिंह के बारे में चिट्ठी में की गई टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रगट सिंह मियांविंड ने कहा कि अमृतपाल सिंह ने युवाओं को न*शे से दूर करने की कोशिश की है। उन्होंने अमृतपाल सिंह पर लगाए जा रहे निजी आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि यह पार्टी की विचारधारा को नुकसान पहुंचाने की कोशिश हो सकती है।

उन्होंने कहा कि ‘वारिस पंजाब दे’ बलवंत सिंह राजोआणा समेत सभी बंदी सिंहों का सम्मान करती है और पार्टी का उद्देश्य किसी भी तरह का विवाद खड़ा करना नहीं है।

दीप सिद्धू के हादसे पर भी सवाल

दीप सिद्धू की सड़क दुर्घटना में हुई मौ*त का जिक्र करते हुए प्रगट सिंह ने कहा कि राष्ट्रीय शहीदों की बराबरी किसी से नहीं की जा सकती। उन्होंने हा*दसे से जुड़ी कुछ बातों को जांच का विषय बताया।

उन्होंने स्पष्ट किया कि पार्टी की ओर से कभी भी दीप सिद्धू को राष्ट्रीय शहीदों से ऊपर या उनके बराबर दिखाने की कोशिश नहीं की गई।

इस पूरे विवाद में अब सबसे बड़ा सवाल चिट्ठी की प्रामाणिकता को लेकर है। बलवंत सिंह राजोआणा की ओर से इस चिट्ठी पर कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया सामने आती है या नहीं, इस पर सभी की नजर बनी हुई है।