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आज द्वादशी के बाद लगेगी त्रयोदशी, सावन के दूसरे सोमवार पर सोम प्रदोष का संयोग; जानें शुभ-अशुभ मुहूर्त

August 10,2026 Fact Recorder

Rashifal Desk: हिंदू धर्म में पंचांग का विशेष महत्व माना जाता है। किसी शुभ कार्य, पूजा-पाठ, यात्रा, निवेश या अन्य महत्वपूर्ण काम से पहले तिथि, नक्षत्र, योग और शुभ मुहूर्त की जानकारी के लिए पंचांग देखा जाता है। सोमवार, 10 अगस्त 2026 को सावन महीने के कृष्ण पक्ष की द्वादशी तिथि के बाद त्रयोदशी तिथि शुरू होगी। खास बात यह है कि आज सावन का दूसरा सोमवार है और सोम प्रदोष व्रत का भी संयोग बन रहा है।

आज की तिथि

10 अगस्त 2026, सोमवार को श्रावण मास के कृष्ण पक्ष की द्वादशी तिथि सुबह 08:01 बजे तक रहेगी। इसके बाद त्रयोदशी तिथि का आरंभ हो जाएगा। सावन के दूसरे सोमवार के साथ सोम प्रदोष का संयोग होने के कारण भगवान शिव की पूजा के लिए आज का दिन विशेष माना जा रहा है।

सूर्योदय और सूर्यास्त

पंचांग के अनुसार, 10 अगस्त को सूर्योदय सुबह 6:05 बजे और सूर्यास्त शाम 6:59 बजे होगा। चंद्रोदय रात 3:00 बजे और अगले दिन चंद्रास्त शाम 5:14 बजे होगा।

आज का नक्षत्र

आज सूर्य अश्लेषा नक्षत्र में रहेगा। वहीं, चंद्रमा दोपहर 12:27 बजे तक आर्द्रा नक्षत्र में रहेगा। इसके बाद चंद्रमा पुनर्वसु नक्षत्र में प्रवेश करेगा।

योग और शुभ मुहूर्त

10 अगस्त को वज्र योग रहेगा। दिन का अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12:06 बजे से 12:57 बजे तक रहेगा। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, अभिजीत मुहूर्त को शुभ कार्यों के लिए अनुकूल माना जाता है।

वहीं, अमृत काल सुबह 3:23 बजे से 4:50 बजे तक रहेगा।

आज का राहुकाल

सोमवार को राहुकाल सुबह 7:41 बजे से 9:18 बजे तक रहेगा। इसके अलावा गुलिक काल दोपहर 2:09 बजे से 3:45 बजे तक और यमगंड काल सुबह 10:55 बजे से दोपहर 12:32 बजे तक रहेगा।

पारंपरिक ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, राहुकाल, गुलिक काल और यमगंड के दौरान नए और महत्वपूर्ण कार्य शुरू करने से बचने की सलाह दी जाती है।

आज का दिशाशूल

सोमवार को पूर्व दिशा में दिशाशूल माना जाता है। मान्यता के अनुसार इस दिशा में यात्रा करने से बचना चाहिए। हालांकि, यात्रा जरूरी होने पर परंपरागत ज्योतिषीय उपायों के बाद प्रस्थान किया जा सकता है।

आज का ग्रह गोचर

10 अगस्त को सूर्य कर्क राशि में स्थित रहेगा, जबकि चंद्रमा मिथुन राशि में रहेगा। सावन के दूसरे सोमवार और सोम प्रदोष के संयोग के चलते शिव भक्तों के लिए आज का दिन पूजा-अर्चना और भगवान शिव का अभिषेक करने के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

नोट: पंचांग से जुड़े समय स्थान और स्थानीय सूर्योदय के अनुसार कुछ मिनट आगे-पीछे हो सकते हैं। धार्मिक और ज्योतिषीय मान्यताएं आस्था पर आधारित हैं।