August 10,2026 Fact Recorder
National Desk: झारखंड में JPSC और JSSC भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्रों का आंदोलन सोमवार को तेज हो गया। सरकार और छात्रों के बीच रविवार को हुई छठे दौर की वार्ता बेनतीजा रहने के बाद छात्रों ने विधानसभा मार्च शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए पुलिस ने कई स्थानों पर बैरिकेडिंग की, लेकिन छात्र बैरिकेड पार कर विधानसभा की ओर बढ़ गए।
स्ट्रेचर पर विधानसभा मार्च में पहुंचे देवेंद्रनाथ महतो
भूख हड़ताल पर बैठे झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (JLKM) के नेता देवेंद्रनाथ महतो भी छात्रों के मार्च में शामिल हुए। लगातार अनशन के कारण उनकी तबीयत कमजोर बताई जा रही है और वह खुद चलने की स्थिति में नहीं थे।
देवेंद्रनाथ महतो एंबुलेंस से धुर्वा गोलचक्कर पहुंचे। इसके बाद प्रदर्शनकारी छात्रों ने उन्हें स्ट्रेचर समेत अपने कंधों पर उठाकर आगे ले गए। इस दौरान छात्रों ने उनके समर्थन में नारे लगाए और फूल बरसाकर उनका स्वागत किया। महतो ने तिरंगा लहराकर आंदोलन में अपनी मौजूदगी दर्ज कराई।
छात्रों ने बैरिकेडिंग तोड़ी
रांची में विधानसभा की ओर बढ़ रहे छात्रों को रोकने के लिए पुलिस ने कई जगह बैरिकेड लगाए थे। प्रदर्शनकारी छात्रों ने कई स्थानों पर बैरिकेड पार कर आगे बढ़ना शुरू कर दिया। छात्रों का कहना है कि उनका मार्च शांतिपूर्ण है और वे अपनी मांगों को सरकार तक पहुंचाना चाहते हैं।
JSSC-CGL परीक्षा रद्द करने की मांग
छात्रों की सबसे प्रमुख मांगों में JSSC-CGL परीक्षा को रद्द करना शामिल है। इसके अलावा वर्ष 2019 के बाद आयोजित JSSC CGL, JSSC JE और PGT सहित अन्य भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की CBI जांच की मांग की जा रही है।
छात्रों की प्रमुख मांगों में भर्ती प्रक्रिया में सुधार, परीक्षा में गड़बड़ी के लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई, श्रेणीवार कटऑफ जारी करना, OMR कॉपी और रिस्पॉन्स शीट उपलब्ध कराना तथा UPSC और SSC की तर्ज पर नियमित भर्ती कैलेंडर जारी करना भी शामिल है।
सरकार का दावा- 98 फीसदी मांगें मानीं
झारखंड सरकार का कहना है कि छात्रों की करीब 98 फीसदी मांगों को स्वीकार किया जा चुका है। हालांकि, आंदोलन कर रहे छात्रों ने सरकार के इस दावे को खारिज कर दिया है। छात्रों का कहना है कि परीक्षा रद्द करने और कथित अनियमितताओं की जांच जैसी उनकी प्रमुख मांगों पर अभी तक ठोस निर्णय नहीं लिया गया है।
जयराम महतो ने सरकार पर साधा निशाना
JLKM विधायक जयराम कुमार महतो ने कहा कि सरकार को छात्रों की परीक्षा रद्द करने की मांग पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। उन्होंने दावा किया कि छात्रों की कई मांगें मानी गई हैं, लेकिन JSSC-CGL परीक्षा रद्द करने की मांग अभी सबसे अहम है।
उन्होंने कथित तौर पर परीक्षा में अनियमितताओं से जुड़े गंभीर आरोपों का जिक्र करते हुए सरकार से मामले की जांच कराने की मांग की।
बाबूलाल मरांडी समेत भाजपा कार्यकर्ता हिरासत में
छात्रों के प्रदर्शन के बीच झारखंड भाजपा ने भी मुख्यमंत्री आवास का घेराव किया। पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे कई भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया। इनमें प्रदेश भाजपा अध्यक्ष और विपक्ष के नेता बाबूलाल मरांडी तथा राज्यसभा सांसद आदित्य साहू भी शामिल बताए गए हैं।
बाबूलाल मरांडी ने कहा कि JPSC और JSSC-CGL समेत भर्ती परीक्षाओं से जुड़े मामलों की CBI जांच होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार छात्रों के मुद्दे से लोगों का ध्यान भटकाने की कोशिश कर रही है।
JPSC मामले में ED की एंट्री
इसी बीच प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने JPSC परीक्षा में कथित अनियमितताओं के मामले में ECIR दर्ज की है। अधिकारियों के अनुसार, अब मामले में जांच आगे बढ़ सकती है।
फिलहाल रांची में छात्रों का विधानसभा मार्च जारी है और प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस-प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है।













