August 9 , 2026 Fact Recorder
Sports Desk: श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज शुरू होने से पहले देवदत्त पडिक्कल ने अपनी तैयारी में कोई कसर नहीं छोड़ी। वॉर्म-अप मैच में शानदार शतक जड़कर उन्होंने टीम इंडिया की प्लेइंग इलेवन में अपनी दावेदारी मजबूत कर दी है।
भारतीय टेस्ट टीम में 2024 के ऑस्ट्रेलिया दौरे के बाद से नंबर-3 बल्लेबाज की जगह को लेकर लगातार प्रयोग किए जा रहे हैं। साई सुदर्शन को इस स्थान पर कई मौके मिले, जबकि करुण नायर और वॉशिंगटन सुंदर को भी आजमाया गया। अब सुदर्शन के चोटिल होकर श्रीलंका सीरीज से बाहर होने के बाद देवदत्त पडिक्कल के लिए टीम में वापसी का रास्ता साफ हुआ है।
पडिक्कल ने भी इस मौके को दोनों हाथों से लपका। श्रीलंका क्रिकेट XI के खिलाफ तीन दिवसीय अभ्यास मैच के दूसरे दिन उन्होंने 164 गेंदों पर नाबाद 142 रन की शानदार पारी खेली। इस पारी के पीछे सिर्फ उनकी मौजूदा फॉर्म नहीं, बल्कि श्रीलंका की परिस्थितियों को ध्यान में रखकर की गई खास तैयारी भी थी।
बेंगलुरु में ही शुरू कर दी थी श्रीलंका की तैयारी
पडिक्कल के बचपन के कोच मोहम्मद नसीरुद्दीन के मुताबिक, बल्लेबाज ने श्रीलंका रवाना होने से पहले ही वहां की परिस्थितियों के हिसाब से अपनी तैयारी शुरू कर दी थी। महाराजा ट्रॉफी टी20 के बाद उन्होंने तुरंत लाल गेंद से अभ्यास पर ध्यान दिया।
श्रीलंका ए के खिलाफ 67 और 94 रन की पारियां खेलने के बावजूद पडिक्कल अपनी तैयारी से पूरी तरह संतुष्ट नहीं थे। उनका लक्ष्य श्रीलंका की स्पिन मददगार परिस्थितियों में खुद को बेहतर तरीके से तैयार करना था।
कुकाबुरा गेंद से की खास प्रैक्टिस
श्रीलंका में टेस्ट क्रिकेट के लिए इस्तेमाल होने वाली कुकाबुरा गेंद की आदत डालने के लिए पडिक्कल ने खुद ऐसी गेंदें खरीदीं। इसके बाद बेंगलुरु में उन्होंने कुकाबुरा गेंद से ही अभ्यास करना शुरू किया।
इसका मकसद गेंद की सीम, उछाल और उसके व्यवहार को पहले से समझना था, ताकि श्रीलंका पहुंचने के बाद परिस्थितियां उनके लिए बिल्कुल नई न रहें।
स्पिन के खिलाफ रोजाना तीन घंटे की मेहनत
एशियाई पिचों पर स्पिन गेंदबाजों का सामना करना आसान नहीं होता। इसे ध्यान में रखते हुए पडिक्कल ने अपनी प्रैक्टिस में स्पिन को खास जगह दी।
उनके लिए ऐसी पिचें तैयार करवाई गईं, जिन पर गेंद को अच्छा टर्न मिल सके। इसके अलावा अलग-अलग लंबाई से गेंदबाजी करने वाले बाएं हाथ के स्पिनरों और ऑफ-स्पिनरों को भी अभ्यास के लिए बुलाया गया।
रिपोर्ट के मुताबिक, पडिक्कल रोजाना करीब तीन घंटे तक स्पिन गेंदबाजों का सामना करते थे। इस दौरान उनके कोच ने बल्लेबाजी तकनीक में कुछ जरूरी बदलावों पर भी काम किया।
अब गॉल टेस्ट में नंबर-3 की रेस में आगे
पडिक्कल की यह तैयारी अभ्यास मैच में उनकी 142 रन की पारी के रूप में सामने आई। उनकी बल्लेबाजी में परिस्थितियों के मुताबिक धैर्य और स्पिन के खिलाफ नियंत्रण साफ नजर आया।
साई सुदर्शन की गैरमौजूदगी में अब गॉल टेस्ट के लिए नंबर-3 की जगह पर पडिक्कल का दावा काफी मजबूत माना जा रहा है। अगर वह अपनी इस फॉर्म को बरकरार रखते हैं, तो श्रीलंका के खिलाफ टेस्ट सीरीज उनके लिए भारतीय टीम में अपनी जगह पक्की करने का बड़ा मौका साबित हो सकती है।











