1 August 2026 Fact Recorder
Rashifal Desk: आज 1 अगस्त 2026, शनिवार को श्रावण मास के कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि है। सावन का तीसरा दिन होने के साथ-साथ आज शनिवार व्रत और शनिदेव की पूजा का भी विशेष महत्व है। पंचांग के अनुसार आज पूरे दिन चोर पंचक रहेगा, जबकि सुबह 10:52 बजे से रात 11:07 बजे तक भद्रा का प्रभाव रहेगा। भद्रा का वास धरती पर होने के कारण इस दौरान विवाह, गृह प्रवेश, मुंडन और अन्य मांगलिक कार्य करने से बचना चाहिए।
आज शोभन योग का संयोग बन रहा है, जिसे शुभ कार्यों के लिए अनुकूल माना जाता है। वहीं चंद्रमा पूरे दिन कुंभ राशि में रहेंगे और शतभिषा नक्षत्र रात्रि 8:45 बजे तक रहेगा, इसके बाद पूर्व भाद्रपद नक्षत्र प्रारंभ होगा।
धार्मिक मान्यता के अनुसार, सावन के तीसरे दिन भगवान शिव का जलाभिषेक करने के बाद शनिदेव की विधिपूर्वक पूजा करनी चाहिए। शनिदेव को काला तिल, सरसों का तेल, शमी के पत्ते, नीले फूल, धूप-दीप और अक्षत अर्पित करना शुभ माना जाता है। काले तिल के लड्डू या काले गुलाब जामुन का भोग लगाने से भी विशेष फल मिलता है। जिन लोगों पर शनि की साढ़ेसाती या ढैया चल रही है, वे सरसों के तेल से शनिदेव का अभिषेक करें और जरूरतमंदों को वस्त्र, अन्न, काला छाता, जूते-चप्पल या दवाइयों का दान करें।
आज का पंचांग (1 अगस्त 2026)
- तिथि: कृष्ण पक्ष तृतीया – रात 11:07 बजे तक, इसके बाद चतुर्थी
- नक्षत्र: शतभिषा – रात 8:45 बजे तक, फिर पूर्व भाद्रपद
- योग: शोभन – रात 11:23 बजे तक, फिर अतिगण्ड
- करण: वणिज – सुबह 10:52 बजे तक, विष्टि (भद्रा) – रात 11:07 बजे तक, फिर बव
- वार: शनिवार
- चंद्र राशि: कुंभ
सूर्योदय और चंद्रोदय
- सूर्योदय: सुबह 5:42 बजे
- सूर्यास्त: शाम 7:12 बजे
- चंद्रोदय: रात 8:55 बजे
- चंद्रास्त: सुबह 8:55 बजे
आज के प्रमुख शुभ मुहूर्त
- ब्रह्म मुहूर्त: 4:18 AM से 5:00 AM
- अभिजीत मुहूर्त: 12:00 PM से 12:54 PM
- अमृत काल: 1:09 PM से 2:51 PM
- विजय मुहूर्त: 2:42 PM से 3:36 PM
- निशिता मुहूर्त: 2 अगस्त, 12:07 AM से 12:49 AM
अशुभ समय
- राहुकाल: 9:05 AM से 10:46 AM
- यमगण्ड: 2:09 PM से 3:50 PM
- गुलिक काल: 5:42 AM से 7:24 AM
- दुर्मुहूर्त: 5:42 AM से 6:36 AM तथा 6:36 AM से 7:30 AM
- भद्रा: 10:52 AM से 11:07 PM
- भद्रा का वास: धरती पर
- चोर पंचक: पूरे दिन
- दिशाशूल: पूर्व
आज शिववास रात 11:07 बजे तक क्रीड़ा में रहेगा, इसके बाद कैलाश पर माना जाएगा। धार्मिक दृष्टि से आज भगवान शिव और शनिदेव की आराधना, दान-पुण्य और सेवा कार्य विशेष फलदायी माने गए हैं।













