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आज का पंचांग 31 जुलाई 2026: सावन कृष्ण द्वितीया आज, जानें शुभ मुहूर्त, राहुकाल और पूजा का सही समय

31 July 2026 Fact Recorder

Rashifal Desk: आज शुक्रवार, 31 जुलाई 2026 को सावन माह के कृष्ण पक्ष की द्वितीया तिथि है। शुक्रवार होने के कारण आज माता लक्ष्मी की पूजा और व्रत का विशेष महत्व है। पंचांग के अनुसार आज सुबह 6:38 बजे से चोर पंचक प्रारंभ हो रहा है, जो अगले पांच दिनों तक रहेगा। इस दौरान कीमती वस्तुओं की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी जाती है। वहीं सावन के दूसरे दिन कांवड़ यात्रा भी जारी है और भगवान शिव की पूजा-अर्चना का विशेष महत्व माना गया है।

आज का पंचांग (31 जुलाई 2026)

  • तिथि: कृष्ण पक्ष द्वितीया रात 10:31 बजे तक, इसके बाद तृतीया
  • वार: शुक्रवार
  • नक्षत्र: धनिष्ठा शाम 7:26 बजे तक, फिर शतभिषा
  • योग: सौभाग्य रात 11:54 बजे तक, इसके बाद शोभन योग
  • करण: तैतिल सुबह 10:04 बजे तक, फिर गर रात 10:31 बजे तक, इसके बाद वणिज
  • चंद्र राशि: सुबह 6:38 बजे तक मकर, इसके बाद कुंभ
  • दिशाशूल: पश्चिम

सूर्योदय और चंद्रोदय

  • सूर्योदय: सुबह 5:42 बजे
  • सूर्यास्त: शाम 7:13 बजे
  • चंद्रोदय: रात 8:26 बजे
  • चंद्रास्त: सुबह 6:59 बजे

आज के शुभ मुहूर्त

  • ब्रह्म मुहूर्त: 4:18 बजे से 5:00 बजे तक
  • अमृत काल: 8:18 बजे से 10:00 बजे तक
  • अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:00 बजे से 12:54 बजे तक
  • विजय मुहूर्त: दोपहर 2:43 बजे से 3:37 बजे तक
  • निशिता मुहूर्त: 1 अगस्त रात 12:07 बजे से 12:49 बजे तक

शुभ चौघड़िया

दिन में:

  • चर: 5:42 बजे से 7:23 बजे
  • लाभ: 7:23 बजे से 9:05 बजे
  • अमृत: 9:05 बजे से 10:46 बजे
  • शुभ: 12:27 बजे से 2:09 बजे
  • चर: 5:31 बजे से 7:13 बजे

रात्रि में:

  • लाभ: 9:50 बजे से 11:09 बजे
  • शुभ: 1 अगस्त 12:28 बजे से 1:46 बजे
  • अमृत: 1:46 बजे से 3:05 बजे
  • चर: 3:05 बजे से 4:24 बजे

आज के अशुभ समय

  • राहुकाल: सुबह 10:46 बजे से दोपहर 12:27 बजे तक
  • यमगंड: दोपहर 3:50 बजे से शाम 5:31 बजे तक
  • गुलिक काल: सुबह 7:23 बजे से 9:05 बजे तक
  • दुर्मुहूर्त: सुबह 8:24 बजे से 9:18 बजे तक तथा दोपहर 12:54 बजे से 1:48 बजे तक
  • चोर पंचक: सुबह 6:38 बजे से अगले दिन 1 अगस्त सुबह 5:42 बजे तक

आज का धार्मिक महत्व

शुक्रवार के दिन माता लक्ष्मी की पूजा प्रदोष काल में करना विशेष फलदायी माना जाता है। माता लक्ष्मी को खीर, चावल, चीनी और दूध का भोग अर्पित करें। श्रीसूक्त, कनकधारा स्तोत्र और श्री लक्ष्मी चालीसा का पाठ करने से धन, वैभव और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है। यदि कुंडली में शुक्र दोष हो तो इत्र, सुहाग सामग्री या सौंदर्य प्रसाधन का दान करना शुभ माना गया है। साथ ही सफेद रंग का रूमाल अपने पास रखना भी लाभकारी माना जाता है।