31 July 2026 Fact Recorder
Sports Desk: कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत की डिस्कस थ्रो खिलाड़ी सीमा कालीरमन ने शानदार प्रदर्शन करते हुए अपने डेब्यू में ही कांस्य पदक जीत लिया। महिलाओं की डिस्कस थ्रो स्पर्धा में 58.65 मीटर के सर्वश्रेष्ठ थ्रो के साथ उन्होंने भारत को एक और पदक दिलाया। इस उपलब्धि के साथ भारत के कुल पदकों की संख्या 17 पहुंच गई, जबकि एथलेटिक्स में यह आठवां पदक रहा।
फाइनल मुकाबले में सीमा के छह प्रयासों में से चार फाउल रहे, लेकिन दूसरे और तीसरे प्रयास में उन्होंने क्रमशः 57.32 मीटर और 58.65 मीटर का थ्रो किया। उनका तीसरा प्रयास ही उन्हें कांस्य पदक दिलाने के लिए काफी साबित हुआ। इसी स्पर्धा में भारत की निधि रानी 57.10 मीटर के साथ चौथे स्थान पर रहीं।
हरियाणा के भिवानी की रहने वाली सीमा कालीरमन की सफलता के पीछे संघर्ष, मेहनत और परिवार का अहम योगदान रहा है। उनके पति रविंदर न केवल जीवनसाथी हैं, बल्कि उनके कोच भी हैं। रविंदर खुद भी डिस्कस थ्रो खिलाड़ी रहे हैं और जूनियर व सब-जूनियर स्तर पर राष्ट्रीय चैंपियन रह चुके हैं। हालांकि चोट के कारण उनका खेल करियर आगे नहीं बढ़ सका, जिसके बाद उन्होंने सीमा को प्रशिक्षण देना शुरू किया।
खेल के साथ-साथ सीमा ने शिक्षा के क्षेत्र में भी अपनी पहचान बनाई है। कोरोना महामारी के दौरान उन्होंने खेल विषय में पीएचडी की पढ़ाई शुरू की। चोट के कारण खेल से दूर रहने के दौरान वह मां भी बनीं, लेकिन बेटे के जन्म के करीब 11 महीने बाद उन्होंने दोबारा प्रशिक्षण शुरू किया और लगातार मेहनत के दम पर अब कॉमनवेल्थ गेम्स में पदक जीतने में सफल रहीं।
सीमा कालीरमन की यह उपलब्धि न केवल भारतीय एथलेटिक्स के लिए गर्व की बात है, बल्कि यह उन खिलाड़ियों के लिए भी प्रेरणा है जो परिवार, शिक्षा और खेल के बीच संतुलन बनाते हुए अपने सपनों को साकार करना चाहते हैं।













