31 July 2026 Fact Recorder
Education Desk :उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UP Board) ने बोर्ड परीक्षा व्यवस्था को अधिक सुरक्षित, पारदर्शी और तकनीक आधारित बनाने के लिए दो महत्वपूर्ण बदलाव लागू किए हैं। पहली बार हाईस्कूल इम्प्रूवमेंट, कंपार्टमेंट और इंटरमीडिएट कंपार्टमेंट परीक्षाओं की उत्तरपुस्तिकाओं को डाक विभाग के माध्यम से मूल्यांकन केंद्रों तक भेजा गया है। यदि यह व्यवस्था सफल रहती है तो वर्ष 2027 से मुख्य बोर्ड परीक्षाओं में भी इसे पूरी तरह लागू किया जाएगा।
28 जुलाई को प्रदेश के सभी 75 जिलों के 92 परीक्षा केंद्रों से उत्तरपुस्तिकाएं जिला संकलन केंद्रों तक पहुंचाई गईं। वहां से डाक विभाग के जरिए इन्हें प्रयागराज स्थित मुख्य संकलन केंद्र राजकीय इंटर कॉलेज (GIC) भेजा गया। यहां सभी उत्तरपुस्तिकाओं की स्कैनिंग की जाएगी और फिर उन्हें ऑनलाइन माध्यम से प्रयागराज, मेरठ और वाराणसी के मूल्यांकन केंद्रों तक भेजा जाएगा। मूल्यांकन के बाद परीक्षक अंक भी ऑनलाइन दर्ज करेंगे।
यूपी बोर्ड का मानना है कि इस नई व्यवस्था से उत्तरपुस्तिकाओं के खोने, चोरी होने या छेड़छाड़ की आशंका काफी कम होगी। साथ ही मूल्यांकन प्रक्रिया अधिक तेज, सुरक्षित और खर्च में किफायती बनेगी।
इसके अलावा बोर्ड ने वर्ष 2027 की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षाओं के लिए एक और बड़ा फैसला लिया है। अब विद्यार्थियों के एडमिट कार्ड पर उनकी फोटो के साथ सिग्नेचर भी छापे जाएंगे। परीक्षा के दौरान उत्तरपुस्तिका और उपस्थिति पत्रक पर किए गए हस्ताक्षरों का मिलान एडमिट कार्ड पर मौजूद सिग्नेचर से किया जाएगा, जिससे फर्जी अभ्यर्थियों और सॉल्वर गिरोह पर प्रभावी रोक लगाने में मदद मिलेगी।
यूपी बोर्ड के सचिव भगवती सिंह ने बताया कि फिलहाल डाक विभाग के माध्यम से उत्तरपुस्तिकाएं भेजने की व्यवस्था का परीक्षण किया जा रहा है। यदि यह प्रयोग सफल रहा तो अगले वर्ष से इसे नियमित बोर्ड परीक्षाओं में भी लागू कर दिया जाएगा।













