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145 किमी/घंटा की रफ्तार से दौड़ी वंदे भारत कार्गो ट्रेन, भारतीय रेलवे ने शुरू किया हाई-स्पीड ट्रायल

30 July 2026 Fact Recorder

National Desk: भारतीय रेलवे ने माल परिवहन को तेज और आधुनिक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए वंदे भारत कार्गो ट्रेन का ट्रायल शुरू कर दिया है। बुधवार को राजस्थान के कोटा रेल मंडल में 16-कोच वाली वंदे भारत प्लेटफॉर्म-बेस्ड फ्रेट ईएमयू (EMU) के प्रोटोटाइप का सफल परीक्षण किया गया। ट्रायल के दौरान ट्रेन ने 145 किलोमीटर प्रति घंटे की अधिकतम रफ्तार हासिल की।

चेन्नई स्थित इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (ICF) में तैयार की गई इस कार्गो ट्रेन का उद्देश्य तेज, सुरक्षित और समयबद्ध माल ढुलाई सुनिश्चित करना है। रेलवे अधिकारियों के अनुसार, व्यावसायिक संचालन से पहले ट्रेन की गति, ब्रेकिंग सिस्टम, भार वहन क्षमता और अन्य तकनीकी मानकों की विस्तृत जांच की जा रही है।

एक महीने तक चलेगा ट्रायल

रेलवे के मुताबिक, कोटा-नागदा-सवाई माधोपुर हाई-स्पीड रेल सेक्शन पर इस प्रोटोटाइप का एक महीने से अधिक समय तक परीक्षण किया जाएगा। इस दौरान अलग-अलग गति और परिचालन परिस्थितियों में प्रतिदिन कम से कम दो राउंड ट्रिप कराई जाएंगी।

ट्रायल के पहले दिन कोटा-महिदपुर रोड सेक्शन पर 120 किमी/घंटा की रफ्तार से परीक्षण किया गया। इसके बाद महिदपुर रोड और भवानी मंडी के बीच 120 और 135 किमी/घंटा की गति पर भी परीक्षण हुए। वापसी के दौरान ट्रेन ने 145 किमी/घंटा की अधिकतम गति दर्ज की।

ई-कॉमर्स और एक्सप्रेस पार्सल को मिलेगा बढ़ावा

भारतीय रेलवे ने इस कार्गो ट्रेन को विशेष रूप से ई-कॉमर्स डिलीवरी, एक्सप्रेस पार्सल सेवा, कोल्ड-चेन लॉजिस्टिक्स और समय-संवेदनशील माल की तेज ढुलाई के लिए विकसित किया है। इससे सामान की डिलीवरी का समय कम होगा और माल परिवहन की क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी।

आधुनिक सुविधाओं से लैस है ट्रेन

16 कोच वाले इस रेक में दो रेफ्रिजरेटेड वैन, दो नॉन-ड्राइविंग ट्रेलर कोच और 12 पार्सल कोच शामिल हैं। इसकी एक्सल लोड क्षमता 20 टन से अधिक और कुल पेलोड क्षमता 397 टन से ज्यादा है।

नई कार्गो ट्रेन में रेफ्रिजरेटेड पार्सल सुविधा, फोर्स्ड वेंटिलेशन, न्यूमेटिक रिट्रैक्टेबल रोलर फ्लोरिंग, अत्याधुनिक ब्रेकिंग और प्रोपल्शन सिस्टम के साथ ‘कवच’ (KAVACH) ऑटोमैटिक एंटी-कोलिजन सिस्टम भी लगाया गया है।

सुरक्षा पर विशेष जोर

ट्रायल के दौरान ट्रेन के ऑसिलेशन, इमरजेंसी ब्रेकिंग, ट्रैक्शन, कर्व पर प्रदर्शन, रीजनरेटिव एनर्जी, सिग्नलिंग, टेलीकम्युनिकेशन, सीसीटीवी, लाइटिंग और अन्य सुरक्षा मानकों का परीक्षण किया जाएगा।

यात्रा और संचालन की सुरक्षा बढ़ाने के लिए ट्रेन में ऑटोमैटिक डोर लॉकिंग सिस्टम भी लगाया गया है। ट्रेन की गति 5 किमी/घंटा से अधिक होते ही सभी दरवाजे स्वतः लॉक हो जाएंगे और जब तक सभी दरवाजे पूरी तरह बंद नहीं होंगे, ट्रेन आगे नहीं बढ़ सकेगी।