27 July 2026 Fact Recorder
Punjab Desk: भर्ती परीक्षा में पेपर लीक नहीं, बल्कि हाई-टेक तकनीक के जरिए नकल कराने की साजिश का खुलासा हुआ है।
सरकार के अनुसार, परीक्षा के दौरान कुछ उम्मीदवारों द्वारा रियल-टाइम हाई-टेक पेन कैमरा, वायरलेस ईयरपीस, मॉडिफाइड मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का इस्तेमाल कर नकल करने की कोशिश की गई। इस पूरे रैकेट का संचालन परीक्षा केंद्रों के बाहर बैठे हैंडलर कर रहे थे, जो उम्मीदवारों को लाइव उत्तर उपलब्ध करा रहे थे।
पंजाब पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इस संगठित नकल गिरोह का भंडाफोड़ किया और कुल 31 आरोपियों को गिरफ्तार किया। इनमें 21 उम्मीदवार और 10 हैंडलर शामिल हैं।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि नकल माफिया उम्मीदवारों से 3.5 लाख रुपये से 10 लाख रुपये तक की रकम वसूल रहा था। गिरोह आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल कर परीक्षा प्रणाली को प्रभावित करने की कोशिश कर रहा था।
जांच एजेंसियों ने स्पष्ट किया है कि मामले में न तो किसी प्रकार का पेपर लीक हुआ और न ही किसी सरकारी अधिकारी की संलिप्तता सामने आई है। यह पूरी घटना तकनीकी उपकरणों के जरिए नकल कराने के प्रयास से जुड़ी है।
पंजाब सरकार ने दोहराया है कि राज्य में सरकारी नौकरियां केवल योग्यता और मेरिट के आधार पर ही दी जाएंगी। नकल, भ्रष्टाचार और भर्ती प्रक्रिया में गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के तहत सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। सरकार का कहना है कि दोषियों के खिलाफ बिना किसी भेदभाव के कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।













