24 July 2026 Fact Recorder
International Desk: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन ने 60 व्यापारिक साझेदार देशों पर नया टैरिफ लागू करने का ऐलान किया है। अमेरिकी ट्रेड रिप्रेजेंटेटिव (USTR) ने ट्रेड एक्ट 1974 के सेक्शन 301 के तहत यह कार्रवाई करते हुए 10% और 12.5% के दो नए टैरिफ स्लैब निर्धारित किए हैं। भारत को 10% टैरिफ वाली श्रेणी में रखा गया है, जिसे अपेक्षाकृत राहत माना जा रहा है।
अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, शुरुआत में भारत पर 12.5% टैरिफ लगाने पर विचार किया गया था, लेकिन श्रम मानकों (लेबर प्रैक्टिस) को लेकर हुई सकारात्मक बातचीत के बाद भारत को 10% वाले समूह में शामिल किया गया।
किन देशों पर लागू होगा 10% टैरिफ?
10% टैरिफ वाले समूह में भारत के अलावा ब्रिटेन, कनाडा, बांग्लादेश, इंडोनेशिया, मैक्सिको, पाकिस्तान, श्रीलंका, मलेशिया, अर्जेंटीना, कंबोडिया, इक्वाडोर, अल सल्वाडोर, ग्वाटेमाला, होंडुरास, जॉर्डन तथा त्रिनिदाद और टोबैगो जैसे देश शामिल हैं।
वहीं, अन्य देशों और कुछ उत्पादों पर 12.5% तक का टैरिफ लगाया जाएगा। यूरोपीय संघ, जापान, ताइवान, दक्षिण कोरिया और स्विट्जरलैंड के कुछ उत्पादों पर भी यह नई व्यवस्था लागू होगी।
क्यों लगाया गया नया टैरिफ?
यूएसटीआर के अनुसार यह कार्रवाई उन देशों के खिलाफ की गई है, जिन पर ‘जबरन मजदूरी (Forced Labour)’ से बने उत्पादों के आयात को रोकने और उस पर प्रभावी कार्रवाई नहीं करने का आरोप है। अमेरिका का कहना है कि जिन देशों ने इस दिशा में पर्याप्त कदम उठाए हैं या अमेरिका के साथ इस संबंध में समझौता किया है, उन्हें 10% की कम टैरिफ श्रेणी में रखा गया है।
सेक्शन 301 क्या है?
अमेरिका के ट्रेड एक्ट 1974 का सेक्शन 301 अमेरिकी ट्रेड रिप्रेजेंटेटिव को उन देशों के खिलाफ टैरिफ या अन्य व्यापारिक प्रतिबंध लगाने का अधिकार देता है, जिनकी व्यापारिक नीतियों को अमेरिका अनुचित या नुकसानदायक मानता है।
मार्च से चल रही थी जांच
यूएसटीआर ने मार्च 2026 में 60 देशों के खिलाफ जांच शुरू की थी। इस दौरान 45 से अधिक देशों की सरकारों से चर्चा की गई, सार्वजनिक सुनवाई आयोजित हुई और 1,600 से ज्यादा लिखित टिप्पणियों की समीक्षा की गई। इसके बाद यह नया टैरिफ ढांचा तैयार किया गया।
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद नई रणनीति
यह फैसला ऐसे समय में आया है जब अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने इस वर्ष पहले आपातकालीन शक्तियों के तहत लगाए गए कई टैरिफ को अवैध करार दिया था। इसके बाद ट्रंप प्रशासन ने सेक्शन 301 के तहत नया कानूनी रास्ता अपनाते हुए यह टैरिफ व्यवस्था लागू की है। शुक्रवार से नई दरें प्रभावी हो गई हैं।













