24 July 2026 Fact Recorder
Rashifal Desk: आज शुक्रवार, 24 जुलाई 2026 का दिन धार्मिक दृष्टि से बेहद शुभ माना जा रहा है। पंचांग के अनुसार आज सुबह आषाढ़ शुक्ल दशमी तिथि समाप्त होने के बाद एकादशी तिथि प्रारंभ होगी। पूरे दिन रवि योग और सर्वार्थ सिद्धि योग का संयोग बनने से पूजा-पाठ, नए कार्य, निवेश और शुभ मांगलिक कार्यों के लिए दिन अनुकूल रहेगा। आज शुक्रवार का व्रत होने के कारण माता लक्ष्मी की आराधना विशेष फलदायी मानी गई है।
शाम के प्रदोष काल में माता लक्ष्मी के साथ भगवान गणेश और कुबेर देव की पूजा करने से धन, सुख-समृद्धि और वैभव की प्राप्ति होती है। पूजा में खीर, मखाने की मिठाई, कलाकंद या रसगुल्ले का भोग लगाएं तथा कनकधारा स्तोत्र का पाठ करें। वहीं सुबह सफेद वस्त्र, चावल, दूध, दही, शक्कर और इत्र का दान करना भी शुभ माना गया है।
आज का पंचांग (24 जुलाई 2026)
- तिथि: आषाढ़ शुक्ल दशमी प्रातः 9:12 बजे तक, इसके बाद एकादशी
- वार: शुक्रवार
- नक्षत्र: अनुराधा (25 जुलाई प्रातः 4:36 बजे तक), इसके बाद ज्येष्ठा
- योग: शुक्ल योग रात्रि 8:11 बजे तक, फिर ब्रह्म योग
- करण: गर प्रातः 9:12 बजे तक, वणिज रात्रि 10:22 बजे तक, फिर विष्टि
- चंद्र राशि: वृश्चिक
- पक्ष: शुक्ल पक्ष
सूर्योदय और चंद्रोदय का समय
- सूर्योदय: सुबह 5:38 बजे
- सूर्यास्त: शाम 7:17 बजे
- चंद्रोदय: दोपहर 3:25 बजे
- चंद्रास्त: 25 जुलाई प्रातः 1:29 बजे
आज के शुभ मुहूर्त
- ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 4:15 बजे से 4:57 बजे तक
- अभिजीत मुहूर्त: दोपहर 12:00 बजे से 12:55 बजे तक
- विजय मुहूर्त: दोपहर 2:44 बजे से 3:39 बजे तक
- अमृत काल: शाम 4:57 बजे से 6:44 बजे तक
- निशिता मुहूर्त: 25 जुलाई रात्रि 12:07 बजे से 12:48 बजे तक
विशेष शुभ योग
- रवि योग: सुबह 5:38 बजे से 25 जुलाई प्रातः 4:36 बजे तक
- सर्वार्थ सिद्धि योग: सुबह 5:38 बजे से 25 जुलाई प्रातः 4:36 बजे तक
आज का राहुकाल और अशुभ समय
- राहुकाल: सुबह 10:45 बजे से दोपहर 12:27 बजे तक
- यमगण्ड: दोपहर 3:52 बजे से शाम 5:35 बजे तक
- गुलिक काल: सुबह 7:20 बजे से 9:03 बजे तक
- दुर्मुहूर्त: सुबह 8:22 बजे से 9:16 बजे तक तथा दोपहर 12:55 बजे से 1:49 बजे तक
- भद्रा: रात्रि 10:22 बजे से 25 जुलाई सुबह 5:38 बजे तक (भद्रा का वास स्वर्ग में रहेगा, इसलिए इसका प्रभाव शुभ कार्यों पर नहीं माना जाता।)
- दिशाशूल: पश्चिम दिशा
आज का धार्मिक महत्व
आज शुक्रवार का व्रत होने के साथ ही रवि योग और सर्वार्थ सिद्धि योग का दुर्लभ संयोग बन रहा है। ऐसे में लक्ष्मी पूजन, दान-पुण्य, नई शुरुआत, खरीदारी, निवेश और धार्मिक अनुष्ठानों के लिए दिन अत्यंत शुभ माना गया है। वहीं शिववास सुबह 9:12 बजे तक सभा में और उसके बाद क्रीड़ा में रहेगा, जिससे भगवान शिव की उपासना भी विशेष फलदायी मानी गई है।













