18 July 2026 Fact Recorder
Business Desk: देशभर में अंडों की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। कई शहरों में एक अंडा 8.50 से 9 रुपये तक बिक रहा है, जबकि चिकन की खुदरा कीमत 250 से 260 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गई है। पोल्ट्री उद्योग के अनुसार, मुर्गियों के चारे की बढ़ती लागत इसकी मुख्य वजह है।
उद्योग से जुड़े विशेषज्ञों का कहना है कि पोल्ट्री फीड में इस्तेमाल होने वाला मक्का, सोयाबीन खली और आयातित फीड सामग्री पिछले कुछ महीनों में काफी महंगी हो गई है। पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण आयात और सप्लाई प्रभावित होने से उत्पादन लागत में और इजाफा हुआ है।
नेशनल एग कोऑर्डिनेशन कमेटी (NECC) के आंकड़ों के मुताबिक, हैदराबाद में अंडों की एक्स-फार्म कीमत पिछले एक महीने में करीब 15 फीसदी और पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 40 फीसदी बढ़ी है। उद्योग के अनुसार, मार्च के बाद मक्का की कीमत 35 फीसदी से अधिक, सोयाबीन खली 64 फीसदी से ज्यादा और फीड में इस्तेमाल होने वाले आवश्यक एमिनो एसिड की कीमत लगभग साढ़े तीन गुना तक बढ़ चुकी है।
विशेषज्ञों का कहना है कि एथेनॉल उत्पादन के लिए मक्का की बढ़ती मांग और पिछले वर्ष सोयाबीन के कम उत्पादन ने भी कीमतों को प्रभावित किया है। वहीं, अनियमित मानसून से फसल उत्पादन पर असर पड़ने की आशंका के चलते बाजार में चिंता बनी हुई है।
भीषण गर्मी के कारण ब्रॉयलर चिकन का उत्पादन भी प्रभावित हुआ, जिससे बाजार में चिकन की कीमतों में तेजी आई है।
हालांकि, पोल्ट्री उद्योग को उम्मीद है कि जुलाई के अंत से उत्तर भारत में सावन के दौरान अंडे और मांस की मांग घटने पर कीमतों में कुछ राहत मिल सकती है। लेकिन यदि मानसून सामान्य नहीं रहा और फीड की लागत ऊंची बनी रही, तो आने वाले समय में कीमतों में फिर बढ़ोतरी संभव है।













