International Desk: पश्चिम एशिया में एक बार फिर तनाव बढ़ गया है। अमेरिका ने रविवार (स्थानीय समय) को ईरान के कई सैन्य ठिकानों पर नए हवाई हमले किए। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, इस सैन्य कार्रवाई का उद्देश्य होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले वाणिज्यिक जहाजों और नागरिक नाविकों को निशाना बनाने की ईरानी क्षमता को कमजोर करना था।
सेंटकॉम ने बताया कि यह अभियान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निर्देश पर चलाया गया, ताकि ईरानी बलों को उनकी हालिया गतिविधियों के लिए जवाबदेह ठहराया जा सके।
ईरान ने दी कड़ी प्रतिक्रिया
अमेरिकी हमलों के बाद ईरान के विदेश मंत्रालय ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए इन हमलों को संयुक्त राष्ट्र चार्टर का गंभीर उल्लंघन बताया। मंत्रालय ने चेतावनी दी कि यदि कोई देश अपनी जमीन या सैन्य सुविधाओं का इस्तेमाल ईरान के खिलाफ कार्रवाई के लिए करने देता है, तो ऐसे ठिकानों को ईरानी सशस्त्र बल आत्मरक्षा के तहत “वैध सैन्य लक्ष्य” मान सकते हैं।
ईरान ने मस्कट में हुई बातचीत को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति के दावों को भी खारिज किया और कहा कि वार्ता का मुख्य विषय होर्मुज जलडमरूमध्य में समुद्री आवाजाही और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ा था।
दक्षिणी ईरान में कई धमाके
ईरानी सरकारी मीडिया के मुताबिक, अमेरिकी हमलों के बाद जास्क, बंदर अब्बास और सीरिक समेत दक्षिणी ईरान के कई इलाकों में विस्फोटों की आवाजें सुनी गईं। इन घटनाओं के बाद पूरे खाड़ी क्षेत्र में तनाव और सुरक्षा चिंताएं बढ़ गई हैं।
संयुक्त राष्ट्र ने जताई चिंता
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य टकराव पर गहरी चिंता व्यक्त की है। उन्होंने दोनों देशों से तत्काल हमले रोकने और बातचीत के जरिए विवाद का समाधान निकालने की अपील की। गुटेरेस ने कहा कि यदि हालात पूर्ण युद्ध की ओर बढ़ते हैं तो इसका गंभीर असर क्षेत्र, वैश्विक अर्थव्यवस्था और अंतरराष्ट्रीय शांति पर पड़ सकता है।
140 सैन्य ठिकानों पर हमले का दावा
सेंटकॉम के अनुसार, इससे पहले भी अमेरिकी सेना ने जमीन, समुद्र और हवा से संचालित लड़ाकू विमानों, ड्रोन और नौसैनिक जहाजों की मदद से ईरान के करीब 140 सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया था। इनमें मिसाइल और ड्रोन लॉन्च साइट, नौसैनिक अड्डे, हथियार भंडार और संचार केंद्र शामिल थे।
इस बीच, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिकी कार्रवाई के बावजूद होर्मुज जलडमरूमध्य वाणिज्यिक जहाजों के लिए खुला है और समुद्री यातायात सामान्य रूप से जारी है।
नोट: यह खबर अमेरिका और ईरान की ओर से जारी आधिकारिक बयानों पर आधारित है। दोनों पक्षों के सभी दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।













