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बड़े मंगल और महेश नवमी का विशेष संयोग, जानें शुभ मुहूर्त, राहुकाल और ग्रह-नक्षत्र की स्थिति

23 June 2026 Fact Recorder

Rashifal Desk: हिंदू धर्म में पंचांग का विशेष महत्व माना जाता है। किसी भी शुभ कार्य, निवेश, यात्रा, मांगलिक आयोजन या धार्मिक अनुष्ठान से पहले पंचांग का अध्ययन शुभ माना जाता है। पंचांग सूर्य, चंद्रमा और ग्रह-नक्षत्रों की स्थिति के आधार पर समय और तिथि की जानकारी प्रदान करता है।

23 जून 2026, मंगलवार का दिन धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस दिन ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि दोपहर 4:39 बजे तक रहेगी, जिसके बाद दशमी तिथि प्रारंभ हो जाएगी। मंगलवार होने के कारण यह दिन भगवान हनुमान की आराधना के लिए विशेष फलदायी माना जा रहा है। साथ ही बड़े मंगल और महेश नवमी का विशेष संयोग भी बन रहा है।

सूर्योदय, सूर्यास्त और चंद्रमा की स्थिति

पंचांग के अनुसार आज सूर्योदय सुबह 5:46 बजे और सूर्यास्त शाम 7:11 बजे होगा। चंद्रमा का उदय दोपहर 1:42 बजे तथा चंद्रास्त अगले दिन रात 1:20 बजे होगा।

आज सूर्य मिथुन राशि में रहते हुए मृगशिरा नक्षत्र से निकलकर राहु के नक्षत्र आर्द्रा में प्रवेश करेंगे। वहीं चंद्रमा सुबह 6:24 बजे तक हस्त नक्षत्र में रहेंगे, इसके बाद चित्रा नक्षत्र में गोचर करेंगे।

ब्रह्म मुहूर्त और अमृत काल

धार्मिक कार्यों और साधना के लिए ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4:10 बजे से 4:58 बजे तक रहेगा। वहीं अमृत काल सुबह 5:30 बजे से 7:12 बजे तक रहेगा, जिसे अत्यंत शुभ समय माना जाता है।

वरीयान योग का प्रभाव

वैदिक पंचांग के अनुसार 23 जून को वरीयान योग का निर्माण हो रहा है। यह योग शुभ कार्यों, आध्यात्मिक गतिविधियों और महत्वपूर्ण निर्णयों के लिए अनुकूल माना जाता है। इस दिन हर्षण योग या वज्र योग नहीं बन रहा है।

अभिजीत मुहूर्त में करें महत्वपूर्ण कार्य

यदि आप किसी नए कार्य की शुरुआत, निवेश, पूजा-अर्चना या महत्वपूर्ण निर्णय लेने की योजना बना रहे हैं तो अभिजीत मुहूर्त दोपहर 12:15 बजे से 1:08 बजे तक रहेगा। ज्योतिष शास्त्र में इसे दिन का सबसे शुभ मुहूर्त माना जाता है।

राहुकाल और अन्य अशुभ समय

आज राहुकाल दोपहर 3:55 बजे से 5:39 बजे तक रहेगा। इसके अलावा गुलिक काल सुबह 11:53 बजे से दोपहर 12:38 बजे तक और यमगण्ड काल सुबह 9:12 बजे से 10:55 बजे तक रहेगा। परंपरागत मान्यताओं के अनुसार इन समयों में नए कार्यों की शुरुआत करने से बचना चाहिए।

दिशाशूल का रखें ध्यान

मंगलवार को उत्तर दिशा में दिशाशूल रहेगा। ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार इस दिशा में यात्रा करना शुभ नहीं माना जाता। यदि किसी कारणवश यात्रा करना आवश्यक हो तो प्रस्थान से पहले उचित ज्योतिषीय उपाय अपनाना लाभकारी माना जाता है।

धार्मिक दृष्टि से आज का दिन हनुमान पूजा, व्रत, दान-पुण्य और आध्यात्मिक साधना के लिए विशेष महत्व रखता है। शुभ मुहूर्त में किए गए कार्यों से सकारात्मक परिणाम प्राप्त होने की मान्यता है।