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हाईकोर्ट से JE को बड़ी राहत

चंडीगढ़: 20 June 2026 Fact Recorder

Chandigarh Desk :  पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने सिंचाई विभाग के एक जूनियर इंजीनियर (JE) को बड़ी राहत देते हुए उसकी सेवाएं समाप्त करने के आदेश को रद्द करने के फैसले को बरकरार रखा है। अदालत ने स्पष्ट किया कि केवल भ्रष्टा*चार के आरोपों वाली एफआईआर के आधार पर किसी प्रोबेशनर कर्मचारी की सेवा समाप्त नहीं की जा सकती।

जस्टिस अश्वनी कुमार मिश्रा और जस्टिस रोहित कपूर की खंडपीठ ने हरियाणा सरकार की अपील पर सुनवाई करते हुए यह फैसला सुनाया। मामला जूनियर इंजीनियर इजराइल से जुड़ा था, जिसे वर्ष 2006 में सिंचाई विभाग में नियुक्त किया गया था।

प्रोबेशन अवधि के दौरान इजराइल के खिलाफ 2,000 रुपये रि*श्वत लेने का मामला दर्ज किया गया था। विजिलेंस ट्रैप के बाद उसकी गिर*फ्तारी हुई और विभाग ने बिना किसी विभागीय जांच के उसकी सेवाएं समाप्त कर दी थीं। हालांकि, वर्ष 2012 में विशेष अदालत ने पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिलने पर उसे संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया था।

हाईकोर्ट ने कहा कि जब किसी कर्मचारी पर भ्रष्टा*चार जैसे गंभीर और कलंकित आरोप हों, तो उसके खिलाफ कार्रवाई से पहले विभागीय जांच कराना आवश्यक है। केवल एफ*आ*ईआर के आधार पर सेवा समाप्त करना कानूनन उचित नहीं माना जा सकता।

अदालत ने कर्मचारी की बहाली के आदेश को बरकरार रखते हुए राज्य सरकार को उसके खिलाफ विभागीय जांच शुरू करने की अनुमति दी है। साथ ही निर्देश दिया है कि जांच छह महीने के भीतर पूरी की जाए और उसके आधार पर कर्मचारी की सेवा पुष्टि को लेकर नया फैसला लिया जाए।