Home Chandigarh पंजाब में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, 6 आईएएस अधिकारियों के तबादले

पंजाब में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, 6 आईएएस अधिकारियों के तबादले

चंडीगढ़, 7 जून 2026 Fact  Recorder

Punjab Desk: पंजाब सरकार ने प्रशासनिक स्तर पर बड़ा फेरबदल करते हुए छह आईएएस अधिकारियों के तबादले और नई नियुक्तियों के आदेश जारी किए हैं। इस बदलाव का उद्देश्य विभिन्न विभागों के कामकाज को अधिक प्रभावी और सुचारू बनाना है।

2004 बैच के आईएएस अधिकारी Manvesh Singh Sidhu को श्रम विभाग के प्रशासनिक सचिव के साथ-साथ पुनर्वास विभाग का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। इसके अलावा उन्हें रूपनगर डिवीजन के अतिरिक्त आयुक्त और पंजाब इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट बोर्ड के प्रबंध निदेशक का अतिरिक्त कार्यभार भी दिया गया है। वह इस पद पर Girish Dayalan का स्थान लेंगे।

2011 बैच के आईएएस अधिकारी Girish Dayalan को नई जिम्मेदारी देते हुए जेल विभाग का विशेष सचिव नियुक्त किया गया है। इससे पहले वह रजिस्ट्रार, सहकारी सभाएं, पंजाब तथा कई अन्य महत्वपूर्ण पदों का अतिरिक्त कार्यभार संभाल रहे थे।

2012 बैच के आईएएस अधिकारी Sanyam Agarwal को स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग में विशेष सचिव नियुक्त किया गया है। वह राज्य स्वास्थ्य एजेंसी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी और नशा विरोधी अभियान के नोडल अधिकारी के रूप में अपनी मौजूदा जिम्मेदारियां भी निभाते रहेंगे।

2013 बैच के आईएएस अधिकारी Vishesh Sarangal को मार्कफेड के प्रबंध निदेशक का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। वह विशेष सचिव, सुशासन एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग, निदेशक सुशासन एवं आईटी तथा पंजाब राज्य ई-गवर्नेंस सोसायटी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी के पद पर भी कार्यरत रहेंगे।

2014 बैच की आईएएस अधिकारी Sakshi Sawhney को स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की विशेष सचिव नियुक्त किया गया है। वह राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, पंजाब की मिशन निदेशक और पंजाब शहरी नियोजन एवं विकास प्राधिकरण (पुडा) की मुख्य प्रशासक के रूप में भी अपनी जिम्मेदारियां निभाती रहेंगी।

2014 बैच की आईएएस अधिकारी Preeti Yadav को रोजगार सृजन, कौशल विकास एवं प्रशिक्षण विभाग की विशेष सचिव नियुक्त किया गया है। इसके साथ ही उन्हें वित्त विभाग में व्यय संबंधी विशेष सचिव का अतिरिक्त प्रभार भी सौंपा गया है।

पंजाब सरकार द्वारा किया गया यह प्रशासनिक फेरबदल राज्य के विभिन्न विभागों में बेहतर समन्वय, प्रशासनिक दक्षता और सुशासन को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।