27 May 2026 Fact Recorder
Education Desk: Tripti Bhatt की सफलता की कहानी उन युवाओं के लिए प्रेरणा है, जो सिविल सेवा में जाकर देश की सेवा करने का सपना देखते हैं। उत्तराखंड के अल्मोड़ा की रहने वाली तृप्ति ने अपने पहले ही प्रयास में UPSC परीक्षा पास कर IPS बनने का सपना पूरा किया। खास बात यह रही कि उन्होंने इससे पहले 16 सरकारी नौकरियों के ऑफर ठुकरा दिए थे।
साधारण परिवार से निकली असाधारण कहानी
Tripti Bhatt एक शिक्षक परिवार से आती हैं। वह चार भाई-बहनों में सबसे बड़ी हैं। उनकी शुरुआती पढ़ाई अल्मोड़ा के बीरशेबा सीनियर सेकेंडरी स्कूल से हुई, जबकि 12वीं की पढ़ाई उन्होंने केंद्रीय विद्यालय से पूरी की।
इसके बाद उन्होंने Govind Ballabh Pant University of Agriculture and Technology से इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की और बाद में NTPC Limited में असिस्टेंट मैनेजर के तौर पर काम भी किया।
डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम से मुलाकात ने बदली जिंदगी
तृप्ति के जीवन में बड़ा मोड़ तब आया जब नौवीं कक्षा में उन्हें पूर्व राष्ट्रपति A. P. J. Abdul Kalam से मिलने का मौका मिला। बताया जाता है कि डॉ. कलाम ने उन्हें अपने हाथ से लिखा एक पत्र भी दिया था। इसी मुलाकात के बाद उनके भीतर देश सेवा का सपना और मजबूत हो गया।
ISRO समेत 16 सरकारी नौकरी के ऑफर ठुकराए
रिपोर्ट्स के मुताबिक, UPSC की तैयारी के दौरान तृप्ति को 16 सरकारी नौकरियों के ऑफर मिले थे, लेकिन उन्होंने सभी को ठुकरा दिया। उन्हें Indian Space Research Organisation (ISRO) से भी नौकरी का प्रस्ताव मिला था, लेकिन उनका लक्ष्य सिर्फ सिविल सेवा था।
पहले प्रयास में पास की UPSC परीक्षा
तृप्ति भट्ट ने साल 2013 में अपने पहले ही प्रयास में UPSC सिविल सेवा परीक्षा पास की और ऑल इंडिया 165वीं रैंक हासिल की। उनका चयन भारतीय पुलिस सेवा यानी IPS के लिए हुआ और उन्हें उत्तराखंड कैडर मिला।
कई अहम पदों पर कर चुकी हैं काम
IPS अधिकारी के रूप में Tripti Bhatt ने कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाली हैं। इनमें:
- देहरादून SP
- चमोली SP
- SDRF कमांडर, टिहरी गढ़वाल
- इंटेलिजेंस एंड सिक्योरिटी SP, देहरादून
जैसे अहम पद शामिल हैं।
उनकी कहानी यह दिखाती है कि अगर लक्ष्य स्पष्ट हो और मेहनत ईमानदारी से की जाए, तो बड़ी से बड़ी सफलता हासिल की जा सकती है।













