22 May 2026 Fact Recorder
National Desk: भोपाल में हुई त्विषा शर्मा की संदिग्ध मौत मामले में बड़ा मोड़ आ गया है। मध्य प्रदेश सरकार ने इस मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सौंपने की सिफारिश कर दी है। राज्य सरकार की ओर से केंद्र को सहमति पत्र भेजा गया है, जिसके बाद अब इस हाई-प्रोफाइल केस की जांच सीबीआई करेगी।
सरकार के इस फैसले के बाद मामले में निष्पक्ष जांच की उम्मीद बढ़ गई है। वहीं, त्विषा शर्मा के परिवार ने भी न्याय मिलने की आस जताई है।
इधर, हाईकोर्ट में आरोपी समर्थ सिंह की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई हुई। न्यायमूर्ति अवनींद्र कुमार सिंह की एकलपीठ के सामने मामले की सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से केस डायरी पेश करने के लिए समय मांगा गया। कोर्ट ने दोपहर ढाई बजे तक का समय दिया है, जिसके बाद दोबारा सुनवाई होगी।
मामले में पूर्व जिला जज गिरिबाला सिंह के बेटे समर्थ सिंह पर पत्नी त्विषा को प्रताड़ित करने के आरोप लगे हैं। हालांकि, समर्थ पक्ष का कहना है कि उन पर लगाए गए आरोप बेबुनियाद हैं। बचाव पक्ष के वकील ने अदालत में कहा कि व्हाट्सएप चैट में दहेज या प्रताड़ना जैसी कोई बात सामने नहीं आई है और चैट एडिट भी की जा सकती है।
एफआईआर दर्ज होने के बाद से समर्थ सिंह फरार बताया जा रहा है। पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी पर घोषित इनाम राशि 10 हजार से बढ़ाकर 30 हजार रुपये कर दी है। भोपाल कोर्ट से अग्रिम जमानत खारिज होने के बाद अब उसने हाईकोर्ट का रुख किया है।
बताया जा रहा है कि 31 वर्षीय त्विषा शर्मा की शादी दिसंबर 2025 में भोपाल निवासी समर्थ सिंह से हुई थी। दोनों की मुलाकात एक वैवाहिक वेबसाइट के जरिए हुई थी। शादी के बाद त्विषा भोपाल में पति के साथ रह रही थीं। कुछ दिन पहले वह घर में फंदे से लटकी मिली थीं। उस समय वह गर्भवती भी थीं।
त्विषा के पिता ने आरोप लगाया है कि उनकी बेटी ने आत्महत्या नहीं की, बल्कि उसकी हत्या कर शव को लटकाया गया। वहीं, आरोपी पक्ष का दावा है कि त्विषा मानसिक तनाव में थीं और नशे की लत से जूझ रही थीं।













