18 May 2026 Fact Recorder
National Desk: पश्चिम बंगाल में पहली बार बीजेपी सरकार बनने के बाद मुख्यमंत्री Suvendu Adhikari ने कई अहम फैसले लिए हैं। सरकार ने प्रशासन, सरकारी नौकरियों, सुरक्षा व्यवस्था और कानून-व्यवस्था से जुड़े कई नियमों में बदलाव शुरू कर दिए हैं। जाति प्रमाण पत्रों की दोबारा जांच से लेकर टीएमसी नेताओं की सुरक्षा में कटौती तक, राज्य में कई बड़े कदम उठाए गए हैं।
2011 के बाद बने जाति प्रमाण पत्रों की होगी जांच
नई सरकार ने 2011 के बाद जारी सभी SC, ST और OBC जाति प्रमाण पत्रों की दोबारा जांच कराने का फैसला लिया है। सरकार का कहना है कि पिछली सरकार के दौरान फर्जी और अनियमित प्रमाण पत्र जारी किए गए, जिनका गलत फायदा उठाया गया। अधिकारियों की जिम्मेदारी तय कर उनके खिलाफ कार्रवाई की भी बात कही गई है।
सरकारी नौकरियों में बढ़ी उम्र सीमा
राज्य सरकार ने ग्रुप A, B, C और D की सरकारी नौकरियों के लिए अधिकतम आयु सीमा बढ़ा दी है। नए नियमों के तहत ग्रुप A के लिए उम्र सीमा 41 वर्ष, ग्रुप B के लिए 44 वर्ष और ग्रुप C व D के लिए 45 वर्ष कर दी गई है। यह फैसला 11 मई से लागू हो चुका है।
टीएमसी नेताओं की सुरक्षा में कटौती
सत्ता परिवर्तन के बाद Abhishek Banerjee समेत कई टीएमसी नेताओं की सुरक्षा कम कर दी गई है। अभिषेक बनर्जी की Z+ सुरक्षा और विशेष पायलट कार सुविधा वापस ले ली गई है। इसके अलावा कई वरिष्ठ नेताओं की सुरक्षा व्यवस्था में भी कटौती की गई है।
पुलिस कल्याण बोर्ड भंग
राज्य सरकार ने पुलिस कल्याण बोर्ड को समाप्त करने का फैसला लिया है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी का कहना है कि यह बोर्ड अपने मूल उद्देश्य से भटककर राजनीतिक प्रभाव का माध्यम बन गया था। सरकार अब पुलिस सुधारों के लिए नया ढांचा तैयार करेगी।
अवैध वसूली और अतिक्रमण पर सख्ती
नई सरकार ने कटमनी, जबरन वसूली और टोल प्लाजा पर अवैध वसूली के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। इसके साथ ही अवैध अतिक्रमण हटाने के लिए बुलडोजर अभियान भी शुरू किया गया है। हावड़ा ब्रिज के आसपास कई इलाकों में इसका असर देखने को मिला है।
महिलाओं के लिए ‘अन्नपूर्णा भंडार’ योजना
राज्य सरकार 1 जून से ‘अन्नपूर्णा भंडार’ योजना शुरू करने जा रही है। इस योजना के तहत महिलाओं के बैंक खातों में हर महीने 3000 रुपये भेजे जाएंगे।
खुले में कुर्बानी पर रोक
बकरीद से पहले सरकार ने खुले में कुर्बानी पर रोक लगाने के लिए नए नियम जारी किए हैं। प्रशासन को सख्ती से नियम लागू कराने के निर्देश दिए गए हैं।
भ्रष्टाचार रोकने के लिए नई व्यवस्था
भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने के लिए सरकार ने हर महीने जिलाधिकारियों और विधायकों की संयुक्त बैठक कराने का फैसला लिया है, ताकि प्रशासनिक कामकाज की निगरानी बेहतर ढंग से हो सके।













