08 May 2026 Fact Recorder
National Desk: केरल में नई सरकार के गठन को लेकर कांग्रेस और यूडीएफ में मुख्यमंत्री चेहरे पर मंथन तेज हो गया है। 10 साल बाद सत्ता में वापसी करने वाले यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) में अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि राज्य की कमान किसे सौंपी जाएगी। इसी सिलसिले में तिरुवनंतपुरम में कांग्रेस विधायकों और सहयोगी दलों के नेताओं के साथ अहम बैठक हुई, जिसमें पार्टी आलाकमान द्वारा भेजे गए पर्यवेक्षकों ने नेताओं की राय जानी।
सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस विधायकों के बीच एआईसीसी महासचिव केसी वेणुगोपाल को सबसे ज्यादा समर्थन मिलता दिखाई दे रहा है। टिकट वितरण और चुनावी रणनीति में उनकी सक्रिय भूमिका को देखते हुए कई विधायक उन्हें मुख्यमंत्री पद के लिए उपयुक्त मान रहे हैं। उनके बाद रमेश चेन्निथला और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष वी.डी. सतीशन का नाम प्रमुख दावेदारों में शामिल बताया जा रहा है।
राजनीतिक गलियारों में यह चर्चा भी रही कि वी.डी. सतीशन ने साफ कर दिया है कि अगर उन्हें मुख्यमंत्री नहीं बनाया गया तो वह मंत्री पद स्वीकार नहीं करेंगे। हालांकि सतीशन ने इन खबरों को भ्रामक और निराधार बताया है।
इस बीच सहयोगी दलों की राय भी मुख्यमंत्री चयन में अहम मानी जा रही है। केरल कांग्रेस (जोसेफ गुट) के नेता पीजे जोसेफ ने कहा है कि मुख्यमंत्री किसी मौजूदा विधायक को ही बनाया जाना चाहिए। उनका मानना है कि जनता द्वारा चुने गए प्रतिनिधियों में से ही नेता का चयन होना बेहतर रहेगा और उपचुनाव की स्थिति से बचना चाहिए। माना जा रहा है कि इस रुख से वेणुगोपाल की दावेदारी को चुनौती मिल सकती है, क्योंकि वह फिलहाल विधायक नहीं हैं।
दूसरी ओर, इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (IUML) ने वी.डी. सतीशन के प्रति अपना समर्थन जताया है। पार्टी नेताओं ने अपनी राय कांग्रेस पर्यवेक्षकों तक पहुंचा दी है।
सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस विधायक दल ने एक प्रस्ताव पारित कर पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को मुख्यमंत्री चुनने का अधिकार दे दिया है। अब अंतिम फैसला कांग्रेस आलाकमान के स्तर पर लिया जाएगा।













