06 May 2026 Fact Recorder
National Desk: National Crime Records Bureau (NCRB) की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, देशभर में वर्ष 2024 के दौरान कुल अपराधों में करीब 6 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। आंकड़ों के अनुसार, 2024 में देश में 58.85 लाख अपराध दर्ज हुए, जबकि 2023 में यह संख्या 62.41 लाख थी। हालांकि, राजधानी Delhi में नाबालिगों द्वारा किए गए अपराधों की संख्या अब भी देश के सभी महानगरों में सबसे अधिक रही।
रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली में 2024 के दौरान किशोर अपराध के 2,306 मामले दर्ज किए गए, जो 2023 के 2,278 मामलों से थोड़ा अधिक हैं। हालांकि यह आंकड़ा 2022 में दर्ज 2,336 मामलों से कम है। दिल्ली के बाद Chennai, Bengaluru, Hyderabad और Ahmedabad का स्थान रहा।
बुजुर्गों के खिलाफ अपराधों में कमी
रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि वरिष्ठ नागरिकों के खिलाफ अपराधों में गिरावट दर्ज की गई है। दिल्ली में 2024 के दौरान बुजुर्गों के खिलाफ 1,267 मामले दर्ज हुए, जबकि 2023 में यह संख्या 1,361 और 2022 में 1,313 थी। इसके बावजूद, देश के महानगरों में बुजुर्गों के खिलाफ अपराध के मामलों में दिल्ली अब भी शीर्ष पर बनी हुई है।
अपराध दर में भी गिरावट
NCRB के अनुसार, 2024 में प्रति एक लाख आबादी पर अपराध दर 419 रही, जो 2023 में 448 थी। यह 2019 के बाद सबसे कम अपराध दर मानी जा रही है। वर्ष 2019 में यह आंकड़ा 385 था।
IPC और BNS के तहत मामलों में कमी
रिपोर्ट में बताया गया कि Indian Penal Code (IPC) और उसके नए स्वरूप Bharatiya Nyaya Sanhita (BNS) के तहत दर्ज अपराधों में गिरावट कुल अपराध कम होने की बड़ी वजह रही। 2024 में IPC/BNS के तहत दर्ज मामले घटकर 35.4 लाख रह गए, जबकि विशेष और स्थानीय कानूनों (SLL) के तहत अपराध घटकर 23.4 लाख हो गए।
चार्जशीट और दोषसिद्धि दर लगभग स्थिर
रिपोर्ट के अनुसार, IPC/BNS मामलों में चार्जशीट दाखिल करने की दर 2023 के 72.7 प्रतिशत से घटकर 2024 में 72.1 प्रतिशत रह गई। वहीं लंबित मामलों की दर बढ़कर 31.2 प्रतिशत हो गई। दूसरी ओर SLL मामलों में चार्जशीट दर बढ़कर 92.7 प्रतिशत पहुंच गई, हालांकि लंबित मामलों में भी हल्की बढ़ोतरी दर्ज की गई।
अदालतों में दोषसिद्धि दर की बात करें तो IPC/BNS मामलों में यह 53.3 प्रतिशत रही, जबकि SLL मामलों में 79.3 प्रतिशत दोषसिद्धि दर दर्ज की गई।













